किश्तवाड़, डोडा और रियासी जिले में निरंतर भारी वर्षा और बादल फटने के बाद सड़कों पर फिसलन और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने श्री मचैल माता और श्री मिंधल माता की यात्रा पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इस वर्ष जून माह के पहले चार दिन में ही डोडा, किश्तवाड़ और रियासी जिलों में चार स्थानों पर बादल फट चुके हैं।
यह निर्णय तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और मौसम के लगातार बदलते तेवरों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जम्मू-कश्मीर में मौसम कई रंग दिखा रहा है। कश्मीर के कई पहाड़ी क्षेत्रों में जहां बीच-बीच में हिमपात हो रहा है। वहीं, जम्मू सहित मैदानी क्षेत्रों में गर्मी व लू झुलसा रही है।
लोगों के लिए एडवाइजरी जारी
इसके अलावा किश्तवाड़, डोडा और रियासी जैसे पहाड़ी जिलों में भारी वर्षा व बादल फटले की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है।
वहीं जम्मू में नौ जून से लू चलने की चेतावनी जारी की है। उधर, किश्तवाड़ प्रशासन ने मचैल माता और मिंधल माता के तीर्थयात्रियों से फिलहाल यात्रा पर न निकलने और लोगों को घरों और सुरक्षित स्थानों पर ही रहने की सलाह दी है।
65 श्रद्धालुओं की गई थी जान
मचैल यात्रा मार्ग पर पिछले वर्ष चिशोती क्षेत्र में बादल फटने से पुल बह गया था। उसमें 65 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। अभी भी पुल बना नहीं है और वाहन नाले से ही गुजर रहे हैं, जिससे अनहोनी की आशंका रहती है।
इसे देखते हुए नाले में वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। मिंधल माता यात्रा मार्ग पर भी कई ऐसे नाले व दुर्गम रास्ते हैं। हालांकि शुक्रवार को मौसम लगभग साफ रहा।


