प्रीत नगर अंबाला कैंट के मकान में बंद कमरे से मिले मनु और अंजना के शवों का अंतिम संस्कार करवा दिया गया है। इन दोनों के रिश्तेदार तक अभी दावा करने नहीं आए हैं। यह दोनों बहनें ही एक दूसरे का सहारा थीं और एक साथ इस दुनिया से विदा भी हुईं। आसपास के लोग भी हैरान हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि इन दोनों के शव ही बाहर आए और वह भी गली सड़ी हालत में। यह परिवार करीब साठ साल से यहीं पर रह रहा था, जबकि इन दोनों बहनों का बचपन भी यहीं पर बीता।
यह है मामला
अंबाला कैंट प्रीत नगर में रहने वाली दो बहनों के शव गली सड़ी हालत में मिले थे। शव कमरे में कम से कम पंद्रह दिन पुराने है और शव पर कीड़े चल रहे थे। कमरे से जब बदबू ज्यादा आने लगी तो लोगों ने डायल 112 को काल किया था। पुलिस मौके पर पहुंची थी और शवों को बाहर निकाला।
लोगों ने बताया कि करीब एक माह से इन दोनों बहनों की एक्टिविटी ही नहीं थी। हालांकि पहले एक महिला तो कमरे से बाहर आते जाते दिख जाती थी, लेकिन लंबे समय से वह भी दिखाई नहीं दी। महिलाएं एक व्यक्ति से रोजाना दूध लेती थीं। इसके लिए कमरे के बाहर बर्तन रख देती थीं। दूध सप्लाई करने वाले ने बताया कि कई दिनों से यह बर्तन भी कमरे के बाहर दिखाई नहीं दिया। पुलिस न कमरे की छानबीन की, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं लगा।
60 साल पहले आकर बसा था परिवार
यह परिवार करीब साठ साल पहले प्रीत नगर में आकर बसा था, जबकि आसपास खाली इलाका ही था। मनु और अंजना के पिता दर्शन लाल नगर परिषद में काम करते थे और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन ले रहे थे। उनका भी दस साल पहले निधन हो गया था और उनकी पेंशन पर ही दोनों बहनों का गुजारा चल रहा था।
जिस समय परिवार ने यहां पर मकान बनाया था, आसपास कोई पड़ोस नहीं था। धीरे-धीरे यहां पर लोगों ने अपने मकान बनाने शुरू किए थे। पड़ोसियों का भी यही कहना है कि इन दोनों बहनों की हलचल ज्यादा नहीं थी और अधिकतर समय अपने कमरे में ही बिताती थीं।


