मानसिक बीमारी से ग्रसित लोगों को फ्री में मिलेगी कानूनी सहायता, पाकुड़ में DLSA का जागरूकता शिविर

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मानसिक बीमारी और बौद्धिक अक्षमता से पीड़ित लोगों के प्रति संवेदनशील समाज के निर्माण तथा उन्हें कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से बुधवार को सोनाजोड़ी स्थित आईटीआई संस्थान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) की ओर से विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।

शिविर में छात्र-छात्राओं को नालसा की ‘मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक अक्षमता वाले व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवाएं योजना-2024’ की जानकारी दी गई।

स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला ने कहा कि योजना का उद्देश्य मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक अक्षमता से ग्रसित लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना, उनके अधिकारों की रक्षा करना तथा उन्हें न्याय प्रणाली से जोड़ना है। उन्होंने योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया भी बताई।डीएसपी मुख्यालय उज्ज्वल कुमार साहा ने कहा कि मानसिक बीमारी के प्रमुख कारणों में आनुवंशिकता, असंतुलित खानपान, मानसिक आघात, गर्भावस्था के दौरान उत्पन्न जटिलताएं तथा नशे की लत शामिल हैं। उन्होंने समय पर पहचान और उपचार पर विशेष जोर दिया।

डॉ. प्रकाश कुमार मुर्मू ने कहा कि मानसिक बीमारी को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने बुजुर्गों में चिड़चिड़ापन, अत्यधिक गुस्सा और व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह दी। स्थायी लोक अदालत के सदस्य राजीव कुमार झा

 ने मानसिक रोगियों की पहचान कर उन्हें उपचार एवं पुनर्वास से जोड़ने की आवश्यकता बताई।

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आईटीआई के प्रभारी प्राचार्य सुरेश कुमार दास ने अतिथियों का स्वागत करते हुए छात्रों से समाज में ऐसे जरूरतमंद लोगों की सहायता करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ नुकुमुद्दीन शेख, गंगाराम टुडू, जेड एच विश्वास, सुनील कुमार देहरी, साधु चरण बोईपाय, बिपीन कुमार श्रीवास्तव, विजय कुमार, नसरुद्दीन शेख, पिंकी मंडल, मोकमाउल शेख, नीरज कुमार राउत सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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