मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’ से 80 लाख लाभार्थियों को बाहर कर दिया है, जिनमें 14,000 पुरुष और अन्य अपात्र लोग शामिल हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’ के 80 लाख लाभार्थियों को इस योजना से बाहर कर दिया गया है।
फडणवीस ने कहा, “जब अलग-अलग डेटाबेस से दस्तावेजों की जांच की गई तो पता चला कि 14,000 लाभार्थी पुरुष थे, पांच लाख सरकारी कर्मचारी थे, 10 लाख आयकर दाता थे और चार-पांच लाख ऐसे लोग थे जिनके घर में कोई वाहन था।”
सोमवार को एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में फडणवीस ने कहा कि जब यह योजना शुरू की गई थी तो राज्य सरकार ने पात्रता के लिए कुछ शर्तें तय की थीं, लेकिन ‘सेल्फ-सर्टिफिकेशन’ (खुद से पुष्टि) की अनुमति दी थी।
‘कम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल’ (CAG) ने ही यह सवाल उठाया था कि दस्तावेजों की जांच क्यों नहीं की गई। सीएजी की कड़ी टिप्पणियों के बाद, राज्य सरकार ने लाभार्थियों से अपने KYC विवरण जमा करने को कहा। KYC एक अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया है जिसका उपयोग व्यवसाय और वित्तीय संस्थान अपने ग्राहकों की पहचान की पुष्टि करने और संभावित जोखिमों का आकलन करने के लिए करते हैं। यह पहचान की चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी और नकली खाते बनाने से रोकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “कई लोगों ने बार-बार याद दिलाने के बावजूद अपना KYC पूरा नहीं किया है। जाहिर है, ऐसा इसलिए है क्योंकि वे पात्रता की शर्तों में से किसी एक में भी फिट नहीं बैठते।” उन्होंने कहा कि सरकार ने 25 लाख ऐसे KYC दस्तावेजों को ठीक किया है जिनमें कुछ कमियां थीं।
उन्होंने कहा, “हम उन लोगों से आग्रह करते हैं जिन्होंने अभी तक अपना KYC जमा नहीं किया है, वे इसे जल्द से जल्द जमा कर दें। अगर हम अयोग्य लोगों को पैसे देना जारी रखते हैं तो सीएजी निश्चित रूप से हमसे उन पैसों की वसूली करने को कहेगा, जो कि बहुत बुरा होगा। आज हमने यह फैसला लिया है कि जो भी लोग अयोग्य हैं और फिर भी उन्होंने पैसे ले लिए हैं, उन्हें हम एक बार की छूट देंगे। सिवाय पुरुषों के, जिनसे पैसे की वसूली की जाएगी।”
फडणवीस ने आगे कहा कि यह लोगों का पैसा है और इसे केवल नियमों के अनुसार ही खर्च किया जा सकता है। फडणवीस ने कहा कि इस योजना के तहत महाराष्ट्र में देश भर में सबसे ज्यादा महिला लाभार्थी हैं। इनकी संख्या अब लगभग 1.7 करोड़ है।
अपने सामने मौजूद चुनौतियों के बारे में बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती जलवायु परिवर्तन और कृषि अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव है। इस बीच महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि सभी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजनाओं में eKYC प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।


