राज्य में खराब चल रहे मौसम को लेकर नागरिकों के जान-माल की रक्षा के लिए राहत आयुक्त कार्यालय अब यूपी 112 की मदद लेगा। यूपी-112 के सभी पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) वाहनों को अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर मौसम के संदर्भ में हाई अलर्ट, रेड और आरेंज अलर्ट की चेतावनी के अलर्ट्स को उद्घोषणा के जरिए लोगों तक पहुंचाना होगा।
इस संदर्भ में राहत आयुक्त कार्यालय ने यूपी 112 की टीमों को लाउड हेलर (मेगा फोन) से लोगों को संदेश देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों आपदा को लेकर हुई बैठक में राहत आयुक्त कार्यालय को निर्देश दिए थे कि खराब मौसम के संदर्भ में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक संदेश पहुंचाने के लिए हाईटेक व्यवस्था बनाई जाए।
चेतावनियों का तत्काल होगा प्रचार
इसके बाद राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने मौसम की चेतावनी देने के लिए यूपी 112 का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। यूपी 112 की पीआरवी में लाउड हेलर की सुविधा उपलब्ध है। इसलिए संबंधित वाहन मौसम संबंधी चेतावनी मिलते ही अपने-अपने क्षेत्रों में लाउड हेलर के जरिए मौसम संबंधी चेतावनी लोगों तक पहुंचाएंगे।राहत आयुक्त कार्यालय ने सभी ग्राम पंचायतों, नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को भी अपने सार्वजनिक उद्घोषणा सिस्टम के जरिए मौसम को लेकर आने वाले अलर्ट का प्रसारण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया है कि वे है कि रेडियो और कम्युनिटी रेडियो ऑपरेटरों के माध्यम से भी मौसम संबंधी चेतावनियों का तत्काल प्रचार कराएं।
राहत आयुक्त ने बताया कि मुख्यालय पर बने कंट्रोल रूम के जरिए खराब मौसम वाले जिलों के नागरिकों को मोबाइल सायरन के माध्यम से भी खराब मौसम का अलर्ट भेजा जा रहा है। इसके लिए सचेत एप्लीकेशन की मदद ली जा रही है। उन्होंने बताया कि मौसम से सर्वाधिक प्रभावित होने वाले जिलों में अभी तक 37 लाख से ज्यादा मोबाइल धारकों को सायरन के माध्यम से संदेश भेजे जा चुके हैं।


