लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण में भूमि अधिग्रहण को लेकर लंबे समय से आ रही बाधाएं आखिरकार जिला प्रशासन और किसानों के आपसी सहयोग से दूर हो गई हैं। उपजिलाधिकारी ताखा श्वेता मिश्रा के विशेष प्रयासों और किसानों की जायज मांगों पर भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दे दी है, जिसके तहत पुरैला गांव का सर्किल रेट बढ़ा दिया गया है।
सर्किल रेट बढ़ते ही किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है और उन्होंने स्वेच्छा से उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के पक्ष में अपनी जमीन का बैनामा करना शुरू कर दिया है।
21 किसानों ने कराया अपनी जमीन का बैनामा
पुरैला गांव के किसानों की जमीन के बैनामा बुधवार से यूपीडा के पक्ष में होना शुरू हो गए हैं, भूमि अधिग्रहण के पहले दिन पुरैला गांव के 21 किसानों ने अपनी जमीन का बैनामा किया। इस ऐतिहासिक शुरुआत पर एसडीएम श्वेता मिश्रा और तहसीलदार जावेद अंसारी ने किसान हरबंस सिंह, देवी दयाल शाक्य, बृजेश कुमार दुबे, राजेन्द्र देवी, बृजरानी देवी, और नीरज देवी सहित अन्य किसानों को तहसील परिसर में स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
शासन द्वारा नए प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद किसानों को मिलने वाले मुआवजे में भारी बढ़ोतरी हुई है। अब किसानों को प्रति हेक्टेयर 28 लाख रुपये से लेकर 52 लाख रुपये तक का सीधा लाभ होगा। पुरैला में किसानों को सामान्य भूमि पर 18 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देय था जिसे बढ़ाकर 25 लाख प्रति हेक्टेयर किया गया है, और मुआवजे की राशि इसकी चार गुना ज़्यादा दी जा रही है, इसी तरह सड़क किनारे वाली जमीन के रेट 32 लाख प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 45 लाख प्रति हेक्टेयर की गई है इसका मुआवजा भी सर्किल रेट से चार गुना ज्यादा मिलना तय है।
किसानों में दिखा उत्साह
उपजिलाधिकारी ताखा श्वेता मिश्रा ने बताया किसानों के साथ अलग अलग बैठक कर उनसे बात की गई और उनकी जायज मांग का प्रस्ताव जिलाधिकारी को प्रेषित किया गया।
जिलाधिकारी के प्रयास के बाद किसानों के सर्किल रेट कुदरैल गांव के बराबर कर दिए गए हैं, किसानों में जिस तरह जमीन यूपीडा को देने के लिए उत्साह दिखा है उससे लग रहा है बहुत जल्द जमीन खरीदने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।


