हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के बीच हथियार जमा न करवाने वाले लोगों पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। शिमला पुलिस ने लाइसेंस धारी शस्त्र धारकों को हथियार जमा करवाने के आदेश जारी किए थे। इनमें से 90 प्रतिशत लाइसेंस धारकों की ओर हथियार जमा करवा दिए, लेकिन 10 प्रतिशत शस्त्र धारकों की ओर से हथियार जमा नहीं करवाए गए।
शिमला पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार रोहडू और चिड़गांव थाना के तहत बचे हुए शस्त्र धारकों की ओर से हथियार जमा नहीं करवाए गए हैं।
दो एफआईआर दर्ज
ऐसे में शिमला पुलिस ने रोहड़ू एवं चिड़गांव थाना के तहत इस मामले में 2 एफआईआर दर्ज की गई हैं। ये दोनों एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 बी और शस्त्र अधिनियम के तहत दर्ज की गई हैं। ऐसे में अब इनके खिलाफ शिमला पुलिस की ओर से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
शिमला पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी लाइसेंसधारी शस्त्र धारकों को अपने हथियार पुलिस थाना, पुलिस चौकी अथवा अधिकृत गन हाउस में जमा करवाने के निर्देश जारी किए गए थे, जिसकी अनुपालना में 90 प्रतिशत से ज्यादा हथियारों को जमा किया जा चुका है।
पुलिस ने चलाया था अभियान
इन आदेशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस थाना रोहड़ू एवं पुलिस थाना चिड़गांव द्वारा विशेष अभियान चलाए गए। दूरदराज क्षेत्रों के लोगों की सुविधा हेतु मोबाइल संग्रह व्यवस्था भी उपलब्ध करवाई गई तथा फोन कॉल्स एवं सोशल मीडिया माध्यमों से लगातार लोगों को निर्देशों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया।
अभिलेखों के अनुसार पुलिस थाना रोहड़ू और चिडगांव क्षेत्र में कुछ लाइसेंसी हथियार जमा नहीं कराए गए। बार-बार सूचना एवं प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद कुछ लाइसेंसधारकों द्वारा अपने हथियार जमा नहीं करवाए गए, जो जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों की अवहेलना है। ऐसे में रोहड़ू एवं चिड़गांव थाना के तहत 2 मामले दर्ज किए गए है। इन दोनों मामलों में जांच जारी है। मामलों की जांच जारी है।


