नई दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (केऔसुब) के सहायक महानिरीक्षक (प्रशासन) श्री जय प्रकाश आजाद द्वारा रचित प्रेरणादायक पुस्तक ‘होगी जय… हे पुरुषोत्तम नवीन!’ का आज बल मुख्यालय, नई दिल्ली में भव्य विमोचन किया गया। पुस्तक का लोकार्पण केऔसुब के महानिदेशक श्री प्रवीर रंजन द्वारा किया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों एवं कार्मिकों की उपस्थिति में पुस्तक की विषयवस्तु और उसके प्रेरणादायक संदेशों पर चर्चा की गई। पुस्तक मानव जीवन में छिपी अनंत संभावनाओं, आत्मविश्वास, साहस और संघर्षशीलता को केंद्र में रखकर लिखी गई है। लेखक ने भगवान राम के आदर्शों और व्यक्तित्व के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति के भीतर मौजूद शक्ति, धैर्य और नेतृत्व क्षमता को उजागर करने का प्रयास किया है।
पुस्तक यह संदेश देती है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने भीतर एक “राम” को संजोए हुए है, जिसे पहचानने और जागृत करने की आवश्यकता है। यह व्यक्ति को भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय स्वयं की अलग पहचान स्थापित करने तथा श्रेष्ठ व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

पुस्तक में यह भी बताया गया है कि ईश्वर ने प्रत्येक व्यक्ति को विशिष्ट बनाया है। हर इंसान में अद्भुत योग्यता, क्षमता और संभावनाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही दिशा और सकारात्मक सोच के माध्यम से सफलता में बदला जा सकता है। लेखक ने असफलताओं को सीख और सफलताओं को आत्मविकास का माध्यम बताते हुए जीवन को देखने का नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है।
पुस्तक का मूल संदेश है —
“सफलता पर किसी विशेष वर्ग का अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति का जन्मसिद्ध अधिकार है। कोई भी व्यक्ति कर्म के आधार पर किसी से भी आगे निकल सकता है।”
इस अवसर पर केऔसुब अधिकारियों ने कहा कि बल अपने अधिकारियों एवं कार्मिकों के बौद्धिक, नैतिक तथा व्यक्तित्व विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा है। ऐसी प्रेरणादायक पुस्तकों से न केवल बल के जवानों और अधिकारियों को नई ऊर्जा मिलेगी, बल्कि समाज के युवाओं को भी जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त होगी।


