भीषण गर्मी के बीच विकास भवन में अब अधिकारियों और कर्मचारियों के कमरों में लगे एसी हटाए जाएंगे। लगातार ट्रांसफार्मर ओवरलोड से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के बाद सीडीओ मृणाली अविनाश जोशी ने आदेश जारी करते हुए अधिकारियों के कक्षों में लगे एसी के विद्युत कनेक्शन काटने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अन्य बिजली उपकरणों के सीमित और किफायती उपयोग पर भी जोर दिया गया है।
बिजली संकट से जूझ रहे विकास भवन में सीडीओ ने दिए आदेश
सीडीओ के आदेश में कहा गया है कि विकास भवन में स्थापित विभिन्न विभागों और कार्यालयों में एसी समेत अन्य विद्युत उपकरण अनावश्यक रूप से चालू रखे जा रहे हैं। इससे ट्रांसफार्मर पर लगातार अतिरिक्त भार पड़ रहा है, जिसके कारण विकास भवन की बिजली बार-बार ठप हो रही है। बिजली बाधित होने से सरकारी कामकाज भी प्रभावित हो रहा है और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई कक्षों में लगे एसी के कनेक्शन काटे, बिजली बचाने की हिदायत
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि सभी अनुभागीय अधिकारी अपने कक्षों और कार्यालय सहायकों के कमरों में लगे एसी का विद्युत कनेक्शन हटवाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा लाइट, पंखे और अन्य उपकरणों का भी जरूरत के अनुसार ही उपयोग किया जाए, ताकि ओवरलोड की स्थिति पैदा न हो। सीडीओ ने यह भी साफ किया है कि विकास भवन में बिजली आपूर्ति की स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी। यदि निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जा सकती है।
रखी जाएगी पूरी नजर
इस आदेश से जिलाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, उपायुक्त श्रम रोजगार, उपायुक्त स्वतः रोजगार समेत विकास भवन के सभी अनुभागीय अधिकारियों को अवगत करा दिया है। जिला विकास अधिकारी को विशेष रूप से इस व्यवस्था की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।
विकास भवन में बकाया था 39 लाख रुपये का बिजली बिल
गौरतलब है कि हाल ही में विकास भवन पर 39 लाख रुपये के बिजली बिल बकाया व ओवरलोडिंग के चलते विद्युत विभाग ने आपूर्ति काट दी थी, जिसके बाद कई घंटे तक अफसरों और कर्मचारियों को बिना बिजली के काम करना पड़ा था। अब ट्रांसफार्मर ओवरलोड की समस्या सामने आने के बाद प्रशासन ने बिजली खपत कम करने की कवायद शुरू कर दी है। जिला विकास अधिकारी जीबी पाठक ने बताया कि कई विभागों में लगे एसी के कनेक्शन काट दिए गए हैं। सबको लगातार बताया जा रहा है। पत्र भी जारी हो चुका है। इसके बाद भी लापरवाही बरती जाने पर कार्रवाई होगी।


