अब ग्रामीणों को अपने परिवार रजिस्टरों की नकल लेने के लिए ग्राम पंचायत सचिवों के पीछे चक्कर लगाने को विवश नहीं होना पड़ेगा। ग्राम पंचायतों में परिवार रजिस्टरों को डिजिटल कर दिया गया है। इन्हें जल्द ही आनलाइन देखने की सुविधा होगी। इसका बड़ा फायदा यह होगा कि ग्राम पंचायत सचिव या प्रधान परिवार रजिस्टर में किसी को लाभ पहुंचाने या नुकसान करने को पुराने रिकार्ड में कोई छेड़छाड़ नहीं कर पाएंगे।
शासन के आदेश पर बागपत में पिछले छह माह से परिवार रजिस्टरों को डिजिटल करने का काम चल रहा है। 239 ग्राम पंचायतों के परिवार रजिस्टर डिजिटल हो गए। बाकी पांच गांवों के परिवार रजिस्टर दो-चार दिन में डिजिटल हो जाएंगे। यह काम पूरा होने के बाद पंचायती राज विभाग पोर्टल लांच करेगा, जिसके जरिए ग्रामीण अपने परिवार के सदस्यों की जन्म कुंडली आनलाइन देख सकेंगे।
परिवार रजिस्टर की नकल पाने को ग्राम पंचायत सचिवों के पीछे दौड़ लगाने से मुक्ति मिलेगी। इसका बड़ा फायदा यह होगा कि डिजिटल होने के बाद परिवार रजिस्टर में ग्राम पंचायत सचिव किसी का नाम हटाने या जोड़ने का खेल नहीं कर पाएंगे। परिवार रजिस्टर डिजिटल होने का बड़ा फायदा होगा कि अब रजिस्टर खोने का डर नहीं होगा, बल्कि हर परिवार का रिकार्ड हमेशा के लिए संरक्षित हो गया।
बताते चलें कि परिवार रजिस्टर में मकान नंबर, परिवार के मुखिया एवं सभी सदस्यों का नाम, जन्मतिथि, यदि कोई मृतक है तो उसकी मृतक तिथि, धर्म एवं जाति, शैक्षिक योग्यता आदि का ब्योरा दर्ज होता है।


