नवजात बच्चा तस्करी के मामले में पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को अब तक इस गिरोह द्वारा करीब साढ़े तीन साल में लगभग 30 नवजात बच्चों की तस्करी करने का मामला सामने आ चुका है। इनमें से अधिकांश बच्चे देश के विभिन्न राज्यों में बेचे गए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पिछले साढ़े तीन साल से नवजात बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त में सक्रिय था। अभी तक इस मामले में कुल नौ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जांच में पुलिस को करीब 30 मामलों का पता चला है, जिनमें बच्चों को चोरी कर या खरीदकर बेचा गया।गिरोह कैसे काम करता था?
गिरोह के चार सदस्य पहले हो चुके गिरफ्तार
गिरोह के चार सदस्य पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। शुरुआत में गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा गया, जिनमें एक महिला भी शामिल थी। इसके बाद पुलिस ने पंजाब से तीन दिन के नवजात बच्चे की मां-बाप को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने गिरोह से जुड़े चार अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया।
ये आरोपी पहले से गिरफ्तार गिरोह के सदस्यों के संपर्क में थे और नवजात बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त के नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। गिरोह संभावित ग्राहकों से संपर्क स्थापित कर सौदे को अंतिम रूप देने में मदद करता था।
डीसीपी मयंक मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2022 के अंत से यह गिरोह सक्रिय था और नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त का कारोबार चला रहा था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक जांच कर रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या इन बच्चों को चोरी किया गया था या उन्हें खरीदा गया था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह ने इन बच्चों को कहां-कहां बेचा है?


