भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने इंपोर्टेड खाद्य सामानों को मंजूरी देने की प्रक्रिया में होने वाली देरी को कम करने के लिए अहम बदलाव किया है। इसके तहत FSSAI ने इंपोर्टेड खाद्य सामानों की जांच और परीक्षण एक साथ करने की अनुमति दे दी है।
इसके साथ ही FSSAI ने सुरक्षा जांचों को भी जारी रखा है। इससे मंजूरी मिलने में लगने वाले समय में काफी कमी आने की उम्मीद है। हर चरण पर भुगतान का इंतजार करने की बजाय एक साथ जांच और परीक्षण की अनुमति से इंपोर्टेड खाद्य सामान लोगों तक तेजी और बेहतर स्थिति में पहुंच सकेंगे।
प्रक्रिया को बनाया आसान
FSSAI ने यह व्यवस्था भी कर दी है कि एनओसी समेत अंतिम मंजूरी तभी दी जाएगी, तब सभी शुल्क चुका दिए गए हों। पहले यह प्रक्रिया काफी लंबी थी। दस्तावेजों की जांच के बाद इंपोर्टर को टेस्ट से पहले फीस देनी होती थी। इसके बाद सैंपल लैब में भेजने से पहले दोबारा फीस देनी पड़ती थी।
इस दौरान अगर किसी भी कारण से पेमेंट में देरी हो जाए, तो पूरा प्रोसेस ही धीमा हो जाता था और सामान की खेप बंदरगाहों पर ही फंसी रह जाती थी। नए नियमों के तहत अगर दस्तावेजों की जांच पूरी हो जाती है, तो प्रारंभिक टेस्ट के बाद बिना पेमेंट का इंतजार किए ही तुरंत सैंपल लिए जा सकते हैं।
नए नियमों का फायदा ग्राहकों को भी मिलेगा। तेजी से मंजूरी मिलने से फल, डेयरी और प्रोसेस्ड प्रोडक्ट जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थ बंदरगाहरों पर कम समय रहेंगे और इससे उनके खराब होने के चांस भी कम हो जाएंगे। इससे लॉजिस्टिक्स में होने वाली देरी में कमी आने की भी उम्मीद है, जिससे बाजार में कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।


