अपरिचित हिंदू लड़के से बात करने से नाराज बिग्गन अंसारी ने अपने बहन-बहनोई के साथ मिलकर बेटी की हत्या करने के बाद भी दरिंदगी की सीमा पार की। धारदार हथियार से शव के टुकड़े किए।
इसके बाद क्रूरता दिखाते हुए सिर के छोटे-छोटे टुकड़े कर गांव के तालाब फेंक दिया, ताकि पहचान न हो सके। सेवरही थाना पुलिस गोतोखोरों कर मदद से तलाश में लगी है।
सेवरही थाना के एक गांवनविासी बिग्गन अंसारी ई रिक्शा चालक है। उसकी 16 वर्ष की पुत्री कक्षा नौंवी में पढ़ती है। कुछ दिनों पूर्व बेटी को गैर परिचित हिंदू युवक से बातचीत करते देख उसने बेटी को डांट-फटकार लगाई। उसके बाहर जाने आने पर भी प्रतिबंध लगा दिया।
रोज की तुलना में एक दिन वह समय से पहले ही घर आ गया तो बेटी को गायब देख पत्नी से पूछा। उसने बताया कि वह सहेली से मिलने गई है। इससे नाराज बिग्गन ने बीते रविवार की रात धारदार हथियार से गला रेतकर बेटी की हत्या कर दी। सिर को कई टुकड़े कर नजदीक तालाब में फेंक दिया और दोनों हाथ दोनों पैर अगल कर प्लास्टिक के बाद कपड़े में रख बड़े साइज के बैग में पैक कर ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
पडरौना कोतवाली के एक गांव की रहने वाली बहन नूरजहां व बहनोई मजीबुल्लाह को घर बुलाया। रात साढ़े नौ बजे तीनों ई रिक्शा से तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन आए। छपरा-कचहरी गोमतीनगर एक्सप्रेस में बैग रख उसने बहन बहनोई को बैठा दिया।
सीओ तमकुहीराज जयंत यादव ने बताया कि, सिर के टुकड़ों की तलाश में लगे गोताखोर प्रयास कर रहे हैं। पूरा घटना का सच सामने आ गया है।


