नोएडा में अर्टिगा कार से लिफ्ट देने के बहाने कीमती सामान के साथ-साथ एटीएम और यूपीआई नकदी प्राप्त कर लूट करने वाले गिरोह का सेक्टर-39 थाना पुलिस ने शुक्रवार को पर्दाफाश किया।
गिरोह के सरगना समेत पांच बदमाशों को सेक्टर-37 चौकी क्षेत्र स्थित स्टेलर ग्रीन पार्क के पास से दबोचे। आरोपितों के पास से घटना में प्रयुक्त कार, तीन चाकू, दो तमंचे, फर्जी दो नंबर प्लेट बरामद हुई।
आरोपित कैमरों से बचने के लिए कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगा देते थे। चाकू व तमंचे के बल पर लूटपाट करने के बाद सुनसान जगह पर सवारियों को उतारकर भाग जाते थे। आरोपित चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े। पुलिस गिरोह द्वारा अंजाम दी वारदात और अन्य सदस्यों का पता कर रही है।
एसीपी प्रवीन कुमार सिंह ने बताया कि आरोपितों की पहचान एटा के अर्जुनी सिमरई गांव के नसीम अली, बिहार नालंदा के नंगला गोपालवाद गांव के अभिषेक कुमार, बिहार समस्तीपुर के किशनपुर गांव के विवेक, नोएडा छिजारसी गांव के कार्तिक ठाकुर व मनोज कुमार के रूप में हुई।
नौकरी छोड़कर नसीम के गिरोह में शामिल हो गए
वर्तमान में नसीम ग्रेटर नोएडा के हल्दौनी गांव, विवेक व अभिषेक नोएडा के चोटपुर कालोनी में किराये पर रहते हैं। पूछताछ में पता चला है कि नसीम गिरोह का सरगना है। चारों सदस्य शौक पूरे करने के लिए नौकरी छोड़कर नसीम के गिरोह में शामिल हो गए। सभी मिलकर एनसीआर में बस अड्डे आदि के पास घूमकर वाहन की तलाश में खड़े लोगों को निशाना बनाते। अपनी अर्टिगा कार में लोगों को लिफ्ट देने के बहाने बैठा लेते।
एक चालक व एक हेल्पर होता, जबकि अन्य तीन सवारी बनकर बैठते। सवारी को शक नहीं होता था। कुछ दूर ले जाकर सवारियों को तमंचा व चाकू दिखाकर डराते-धमकाते। उनसे मोबाइल के यूपीआइ से रकम ट्रांसफर कराते। एटीएम कार्ड लेकर रुपये भी निकलवाते थे। पीड़ितों को सुनसान जगह पर उतारकर भाग जाते।
पुलिस को पता चला है कि अर्टिगा कार सवार पांच बदमाशों 13 मई की रात एक व्यक्ति को बोटेनिकल गार्डन के पास लिफ्ट देने के बहाने बैठाया था। सिकंदराबाद के पास मारपीट कर एटीएम बूथ ले जाकर रकम निकलवाई थी। करीब एक लाख रुपये पेटीएम और कैश के रूप में लूटे थे। क्रेडिट कार्ड से 50 हजार रुपये का मोबाइल भी आर्डर कराया था। पुलिस पीड़ित का पता कर रही है।
कैमरों की रखते जानकारी, बदल देते थे नंबर प्लेट
थाना प्रभारी डीपी शुक्ल ने बताया कि आरोपित कैमरों की जानकारी पहले से ही कर लेते थे। कार को कैमरों से दूर खड़ी करते। वारदात के दौरान नंबर प्लेट भी बदल देते थे। पुलिस को दो फर्जी नंबर प्लेट भी मिली हैं। उधर, नसीम और मनोज पर लूट, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट आदि के चार-चार, कार्तिक, अभिषेक व विवेक पर एक-एक मामले दर्ज हैं।


