त्रिपुरा सरकार ने सरकारी खर्च को कम करने और ईंधन बचाने के उद्देश्य से एक नया ज्ञापन जारी किया है। यह अहम फैसला पश्चिम एशिया संकट के बीच पेट्रोलियम पदार्थों की खपत को कम करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशव्यापी अपील के बाद लिया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 13 मई, 2026 को जारी यह आदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस हालिया अपील के बाद आया है, जिसमें उन्होंने नागरिकों और संस्थानों से ईंधन बचाने और जहां तक संभव हो वर्क फ्रॉम होम अपनाने का आग्रह किया था।
ज्ञापन के अनुसार, सभी विभागाध्यक्षों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि ग्रुप सी और ग्रुप डी के केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही रोजाना कार्यालय आएं, जबकि बाकी बचे 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम करेंगे।
रोटेशन के आधार पर ड्यूटी
सभी विभागों को साप्ताहिक ड्यूटी रोस्टर तैयार करने का भी निर्देश दिया गया है, जिससे कर्मचारी एक सप्ताह छोड़कर अगले सप्ताह कार्यालय आ सकें। पहले सप्ताह में उन कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनका घर उनके कार्यस्थल के करीब है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि घर से काम कर रहे कर्मचारियों को हर समय टेलीफोन और इलेक्ट्रॉनिक संचार के अन्य माध्यमों पर उपलब्ध रहना होगा। किसी भी अति-आवश्यक कार्य के लिए बुलाए जाने पर उन्हें तुरंत कार्यालय में रिपोर्ट करना होगा।
अनिवार्य सेवाओं को छूट
राज्य सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों, स्वायत्त व वैधानिक संगठनों और अधीनस्थ कार्यालयों को भी इसी तरह के उपाय लागू करने की सलाह दी है।
हालांकि, यह निर्देश आवश्यक या आपातकालीन सेवाओं में लगे कार्यालयों और कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। यह ज्ञापन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और सरकार के अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
पीएम मोदी की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक बसों और कारपूलिंग को अपनाकर पेट्रोल और डीजल की खपत में कटौती करने का आग्रह किया था। इसके अलावा, उन्होंने भारत पर आयात के भारी बोझ को कम करने के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ को बढ़ावा देने और सोने की खरीदारी को फिलहाल टालने के लिए भी प्रोत्साहित किया था।
पीएम मोदी ने अपनी अपील में कहा, “जिनके पास कार है, उन्हें एक ही वाहन में ज्यादा लोगों को साथ ले जाना चाहिए। डिजिटल तकनीक ने अब बहुत सी चीजों को आसान बना दिया है, इसलिए तकनीक की मदद भी हमारे लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। यह बहुत जरूरी है कि सरकारी और निजी दोनों कार्यालयों में वर्चुअल मीटिंग्स और वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दी जाए। ”
उन्होंने आगे कहा कि देश की एक बहुत बड़ी रकम सोने के आयात के कारण विदेशों में चली जाती है। इसलिए, मैं आप सभी देशवासियों से आग्रह करूंगा कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य न हो जाए, तब तक सोने की खरीदारी को टाल दें।
आज समय की सबसे बड़ी मांग है कि हम वोकल फॉर लोकल को एक जन आंदोलन में बदल दें। विदेशी सामानों की जगह स्थानीय उत्पादों को अपनाएं और अपने गांव, अपने शहर, अपने देश के उद्यमियों को सशक्त बनाएं।


