‘मुस्लिम अलगाववादी सोच का समर्थन करते हैं’, आरएसएस नेता होसबाले का तीखा प्रहार

 मुस्लिम नेतृत्व में किसी नेता का राष्ट्रवादी होना इन दिनों दुर्लभ है। मुस्लिमों में उस नेता को समर्थन मिलता है जो अलगाववादी सोच का होता है। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने विशेष साक्षात्कार में कही है।

उन्होंने कहा, स्वतंत्रता आंदोलन के समय देश में राष्ट्रवादी मुस्लिम नेता होते थे। लेकिन अब उन्हें समर्थन नहीं मिलता है।

होसबाले ने यह बात हाल ही में एआइएमआइएम नेता असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर कही है जिसमें ओवैसी ने मुस्लिमों से अपना धर्म आधारित नेतृत्व खड़ा करने की बात कही थी। ऐसा इसलिए क्योंकि ओवैसी को लगता कि देश की तथाकथित सेकुलर पार्टियां मुस्लिमों के साथ न्याय नहीं कर सकती हैं।

होसबाले ने कहा, यह आह्वान अलग विचारधारा का द्योतक है। उन्होंने कहा, स्त्री और पुरुष के बीच सच्चे प्यार पर कोई सवाल नहीं उठा सकता है लेकिन जब यह सुनियोजित षडयंत्र के तहत होता है तब उसका विरोध होता है। देश में ऐसे षडयंत्र वाला प्यार हिंदू लड़कियों को मुश्किल में डालने वाला है। संघ इसे लव जिहाद कहता है और इसका विरोध करता है।

सर कार्यवाह ने कहा, आरएसएस में बहुत से स्वयंसेवक हैं जिन्होंने धर्म और जाति से बाहर जाकर विवाह किए हैं। उन्होंने सच्चे प्यार से वशीभूत होकर ऐसा किया और संघ ने उन रिश्तों को स्वीकार किया।

एक प्रश्न के उत्तर में होसबाले ने कहा, आरएसएस को भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि भारत हमेशा से हिंदू राष्ट्र है, इसे लेकर किसी को शक नहीं होना चाहिए। देश में रहने वाले गैर हिंदुओं को भी इससे सशंकित होने या परेशान होने की जरूरत नहीं है। वे भी हिंदुओं से अलग नहीं हैं। उनके पूर्वज हिंदू थे और उनका डीएनए भी हिंदुओं के समान ही है।

आरएसएस नेता ने कहा, देश में कई धर्मों के लोग रहते हैं। उनमें से कुछ खुद को अल्पसंख्यक भी कहते हैं। लेकिन किसी के साथ दूसरे दर्जे के नागरिक जैसा व्यवहार नहीं होता है। हमारे देश में सभी समान हैं।

आरएसएस को सुवेंदु अधिकारी पर गर्व

आरएसएस के उप प्रमुख होसबाले ने कहा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर गर्व है। संगठन उन्हें अपना पुत्र मानता है। उन्हें संघ में शामिल होने या संगठन की सदस्यता लेने की कोई जरूरत नहीं है। जब जो चाहे संघ में शामिल हो सकता है।

होसबाले ने कहा, जिस प्रकार से कोई लड़की विवाह के बाद नए परिवार में आकर स्वत: उसका हिस्सा बन जाती है और विकास में योगदान देती है। उसे परिवार का सदस्य बनने के लिए कोई फार्म नहीं भरना होता है। इसी प्रकार से बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा अब हमारे परिवार का हिस्सा हैं।

पूर्व सेना प्रमुख नरवणे ने पाकिस्तान पर होसबाले के बयान का किया समर्थन

पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने मंगलवार को कहा था कि पाकिस्तान के साथ वार्ता के लिए खिड़की खोली जानी चाहिए। नरवणे ने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच मित्रता बेहतर द्विपक्षीय संबंधों को जन्म दे सकती है।

पूर्व सेना प्रमुख ने बुधवार को यहां एक कार्यक्रम से इतर प्रेट्र से बातचीत में कहा, ”सीमा के दोनों ओर आम लोग रहते हैं, जिनकी रोटी, कपड़ा और मकान जैसी समस्याएं एक हैं। आम आदमी का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। जब दोनों देशों के लोगों के बीच मित्रता होगी, तभी दोनों देशों में भी मित्रता होगी।”

होसबाले ने मंगलवार को एक इंटरव्यू में कहा था, ”पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व ने भारत का विश्वास खो दिया है। ऐसे में संबंधों को पटरी पर लाने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की सिविल सोसायटी को संभालनी चाहिए।”

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