नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को NEET-UG 2026 की परीक्षा को रद कर दिया था। वहीं, 3 मई को परीक्षा होने के बाद से ही लगातार आरोप लगाए जा रहे थे कि पेपर लीक हुआ है। अब आरोपों को लेकर NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह का बयान सामने आया है।
उन्होंने कहा,”मैं यह नहीं कहूंगा कि पूरा पेपर ही लीक हो गया था। लेकिन मैं यह जरूर कहूंगा कि अगर एक भी सवाल हमारे प्रश्न पत्र से मेल खाता है, तो जारो टॉलरेंस और जीरो एरर (शून्य त्रुटि) के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का उल्लंघन होता है, और हमारी पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठ जाता है।”
NTA के महानिदेशक ने विफलता की जिम्मेदारी ली
सिंह ने छात्र संगठनों, अभिभावकों और विपक्षी दलों के विरोध के बीच यह बात कही है। मालूम हो कि, परीक्षा के बाद से सरकार पर प्रशासनिक विफलता और छात्रों के प्रति लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे थे। सिंह ने आगे कहा, “हम इसकी जिम्मेदारी लेते हैं और उसी के अनुसार कार्रवाई करेंगे।”
इसके साथ ही TOI ने NTA के साथ एक PDF की एक कॉपी शेयर की थी, जो कि हाथ से लिखी हुई थी। जानकारी के अनुसार, परीक्षा के चार दिन बाद, 7 मई की रात को NTA को पहली बार किसी मुखबिर से जानकारी मिली थी। एजेंसी के अनुसार, इस सामग्री में कथित तौर पर 3 मई को हुई परीक्षा के प्रश्न पत्र से मेल खाने वाले सवाल शामिल थे।
एक और दो मई को फोन पर भेजे गए थे प्रश्न पत्र
एक जांच में पता चला कि यह PDF परीक्षा से पहले, 1 और 2 मई को कुछ मोबाइल फोन पर भेजे गए थे। NTA के जांचकर्ताओं का मानना है कि यह PDF सबसे पहले नासिक के एक कोचिंग संस्थान तक पहुंची, और उसके बाद इसे अलग-अलग राज्यों में फैला दिया गया।
राजस्थान पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर, नासिक क्राइम ब्रांच ने शुभम खैरनार को हिरासत में लिया है। जांचकर्ताओं का मानना है कि शुभम के पास इस बारे में अहम जानकारी हो सकती है कि, यह पेपर किस नेटवर्क के जरिए आगे बढ़ाया गया था।
आने वाले 7 से 10 दिनों में जारी होगा संशोधित शेड्यूल
बता दें कि, NTA ने यह परीक्षा दोबारा आयोजित कराने की जानकारी दी थी। इसकी तारीखों की घोषणा अलग से की जाएगी। सिंह ने संकेत दिया कि संशोधित शेड्यूल 7-10 दिनों के भीतर घोषित किया जा सकता है।
एजेंसी ने कहा कि छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन करवाने या कोई अतिरिक्त फीस देने की जरूरत नहीं होगी। पहले से जमा की गई फीस भी वापस कर दी जाएगी, और दोबारा होने वाली परीक्षा एजेंसी के अपने आंतरिक संसाधनों का उपयोग करके आयोजित की जाएगी।
एजेंसी ने आगे कहा कि, छात्रों और अभिभावकों को केवल आधिकारिक संचार माध्यमों पर ही भरोसा करना चाहिए। इसके साथ ही साल 2024 में भी NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और नतीजों में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। बिहार में, उम्मीदवारों पर यह आरोप लगा था कि, उन्होंने परीक्षा के प्रश्न पत्र पहले से हासिल करने के लिए 30 से 50 लाख रुपये तक का भुगतान किया था।
NEET परीक्षा करवाने में 200 करोड़ रुपये का आता है खर्च
इसके अलावा गोधरा में, एक शिक्षक पर पैसे लेकर छात्रों की OMR शीट भरने में मदद करने का आरोप भी लगा था। 67 छात्रों द्वारा पूर्ण अंक हासिल किए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिन्हें बाद में एक विवादित भौतिकी प्रश्न को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कम कर दिया गया।
रिपोर्ट की माने तो NEET परीक्षा करवाने में 200 करोड़ रुपये का खर्च आता है, लेकिन एजेंसी को उम्मीदवारों की एप्लीकेशन फीस से लगभग 300 करोड़ रुपये की कमाई होती है।


