सिंगरौली। जिले के माडा थाना क्षेत्र में इन दिनों कथित अवैध कारोबारों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। क्षेत्र में रात्रि के अंधेरे में खुलेआम पशु तस्करी, अवैध रेत निकासी और परिवहन जैसे मामलों की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। हैरानी की बात यह है कि इन गतिविधियों पर स्थानीय पुलिस की कार्रवाई लगभग नदारद दिखाई दे रही है, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार माडा थाना क्षेत्र के कई हिस्सों में रातभर अवैध रेत का परिवहन धड़ल्ले से जारी रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बालू माफिया बेखौफ होकर नदी घाटों से रेत निकाल रहे हैं और खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं। कई बार जिला खनिज विभाग की टीम मुख्यालय से पहुंचकर कार्रवाई भी कर चुकी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रियता नजर नहीं आती।

इसी बीच क्षेत्र में एक नाम तेजी से चर्चा में है — “कुरैशी”। सूत्र बताते हैं कि कथित अवैध कारोबारियों को समय समय पर कुरैशी के पास अपनी हाजिरी लगानी पड़ती है। हालांकि, इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि अवैध कारोबार से जुड़े कई मामलों में कथित तौर पर उसकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि पशु तस्करी से लेकर अवैध रेत परिवहन तक की गतिविधियों पर निगरानी रखने और कथित तौर पर “एंट्री” कराने का काम भी इनके पास ही है बताया जा रहा है कि रात के समय गुजरने वाले अवैध वाहनों के एक एक ट्रिप तक की जानकारी रखी जाती है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि रात में खुलेआम पशु तस्करी और रेत परिवहन हो रहा है, तो आखिर स्थानीय पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगती? क्या पुलिस वास्तव में इन गतिविधियों से अनजान है, या फिर कहीं न कहीं संरक्षण का खेल चल रहा है? यही सवाल अब आम जनता के बीच चर्चा का विषय बन चुका है।
अब देखना यह होगा कि जिले के वरिष्ठ अधिकारी इन गंभीर आरोपों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और माडा थाना क्षेत्र में चल रहे कथित अवैध नेटवर्क और कुरैशी नामक साहब पर कब तक कार्रवाई होती है?
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