भीषण गर्मी के बीच ओडिशा में वाहनों में आग लगने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। राज्य में इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच वाहन आग लगने के मामलों में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। बढ़ते हादसों को देखते हुए अग्निशमन सेवा महानिदेशक सुधांशु सारंगी ने वाहन मालिकों और परिवहन संचालकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में जनवरी से अप्रैल तक राज्य में वाहन आग लगने की 183 घटनाएं सामने आई थीं। वहीं 2026 की इसी अवधि में यह आंकड़ा बढ़कर 349 तक पहुंच गया।
इन घटनाओं में इलेक्ट्रिक कार, बाइक, ट्रक, बस, ऑटो-रिक्शा, ट्रैक्टर, एंबुलेंस और जेसीबी जैसी कई श्रेणी के वाहन शामिल हैं। गर्मी के कारण इंजन ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट और तकनीकी खराबी को हादसों की बड़ी वजह माना जा रहा है।
फायर सर्विस डीजी सुधांशु सारंगी ने कहा कि भीषण गर्मी में वाहनों की नियमित सर्विसिंग बेहद जरूरी है। वाहन मालिकों को इलेक्ट्रिकल वायरिंग, बैटरी, फ्यूल लाइन, इंजन और कूलिंग सिस्टम की समय-समय पर जांच कराने की सलाह दी गई है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर भी विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। अधिकारियों के अनुसार, बैटरी से जुड़ी खराबी और ओवरचार्जिंग कई बार आग लगने का कारण बन सकती है। ऐसे में केवल अधिकृत चार्जिंग सिस्टम का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
फायर सर्विस विभाग ने ड्राइवरों को वाहन में अग्निशामक यंत्र रखने, ज्वलनशील पदार्थ ले जाने से बचने और धुआं या अधिक गर्मी महसूस होने पर तुरंत आपातकालीन सेवाओं को सूचना देने को कहा है।
विभाग ने सभी वाहन मालिकों, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों और कमर्शियल फ्लीट मैनेजरों से सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है, ताकि बढ़ती वाहन आग की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।


