थाना देहात क्षेत्र के गांव असौड़ा के एक परिवार की गोद भराई की खुशियां उस समय अफरा-तफरी में बदल गईं, जब समारोह से लौटने के बाद करीब एक दर्जन लोगों की अचानक तबीयत फूड पॉइजनिंग के कारण बिगड़ गई।
उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत होने पर सभी लोगों को मंगलवार देर रात 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है।
जानकारी के अनुसार, थाना हापुड़ देहात क्षेत्र के गांव असौड़ा के नितिन ने बताया कि उसका रिश्ता जिला बुलंदशहर के थाना जहांगीराबाद क्षेत्र स्थित गांव सलगमा की मीनाक्षी से तय हुआ है। सोमवार को नितिन अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ गोद भराई की रस्म के लिए सलगमा गांव गया था।
शाम होते ही शुरू हो गया पेट में दर्द
वहां पूरे परिवार ने समारोह में परोसे गए छोले, मटर पनीर, चावल और रसगुल्ले खाए थे। रस्म पूरी होने के बाद सभी लोग शाम को वापस अपने गांव लौट आए। रात होते-होते परिवार के कई लोगों को पेट दर्द और बेचैनी महसूस होने लगी। कुछ देर बाद उल्टी और दस्त शुरू हो गए। शुरुआत में सामान्य समस्या समझकर स्थानीय चिकित्सक से दवा ली गई, लेकिन कोई राहत नहीं मिली।
मंगलवार दिनभर परिवार के लोग परेशान रहे। देर रात अचानक कई लोगों की हालत ज्यादा खराब हो गई। कुछ लोगों को तेज पेट दर्द के साथ शरीर और पैरों में दर्द की शिकायत भी होने लगी। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों में अफरा तफरी मच गई।
इन लोगों की बिगड़ी तबीयत
बीमार होने वालों में नितिन, उसकी बहन प्रवेश, बहनोई सुनील, बड़ा भाई दीपक, भाभी रिकी, मां शीला, बहन ललिता, बहनोई संजय, सात वर्षीय भांजा देव और पिता नानकचंद समेत परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं।
परिवार के लोगों का कहना है कि समारोह में भोजन करने के बाद ही सभी की तबीयत बिगड़ी, जिससे फूड पॉइजनिंग की आशंका और गहरा गई है। नितिन ने बताया कि शादी की रस्म को लेकर परिवार में खुशी का माहौल था। किसी को अंदाजा नहीं था कि कार्यक्रम से लौटने के बाद पूरा परिवार बीमार पड़ जाएगा।


