लगातार कई दिनों से निकल रही हल्की गुनगुनी धूप का आनंद उठा रहे लोगों को मौसम ने अचानक झटका दिया। मंगलवार की सुबह धूप, दोपहर में तेज हवाएं फिर वर्षा ने ठंडक को लौटा दी है। सर्द हवा की रफ्तार आठ किलोमीटर प्रति घंटा रही। अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहा।
माघी स्नान के बाद मौसम ठीक हो गया था। जिससे लोगों ने अपने परिधान में भी परिवर्तन कर दिया था। ज्यादातर लोग हल्के स्वेटर पहनकर निकलने लगे थे। सुबह व शाम को ही गलन थी। गुनगुनी धूप का आनंद लेते लोग अपने घरों के बाहर बैठे देखे जा रहे थे। अचानक मौसम ने यू-टर्न लिया और तेज हवाओं के बाद वर्षा होने से ठंडक लौटने जैसा एहसास हुआ।
तेज हवा के चलते सड़क पर सूखे पत्तों की ढेर लग गई, इसके बाद वर्षा होते पूरी सड़क पर पानी नजर आने लगा। जो लाेग रास्ते में थे वह भी वर्षा से बचने के लिए दुकान व घर की शरण में आ गए। प्रगतिशील किसान राममूर्ति मिश्रा ने कहा कि वर्षा गेहूं के लिए फायदेमंद है लेकिन जिन खेतों में अभी सरसों के फूल आने शुरू हुए हैं, उनमें माहूं कीट लगने की संभावना है।
बदली के मौसम में माहूं का प्रकोप ज्यादा होता है इसके लिए लगातार धूप निकले तभी कीट पर रोक लग सकती है। अन्यथा की स्थिति में किसानों को कीटनाशक का छिड़काव करना पड़ेगा। दूसरी तरफ दोपहर में वर्षा होने से स्कूलों में छुट्टी होने पर बच्चे पानी में भीगकर आनंद लेते देखे गए , वहीं अभिभावक अपने बच्चों को वर्षा से बचाने के लिए छाता लेकर स्कूल पहुंचे। दोपहर तीन बजे के बाद निकली धूप ने लोगों को राहत दी।


