जालंधर धमाके में स्कूटी खो बैठा था डिलीवरी बॉय, रोजी कमाने के लिए मांग रहा था मदद; सांसद ने दिला दी बाइक

 पंजाब से राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने जालंधर में बीएसएफ मुख्यालय के बाहर हुए धमाके में घायल हुए युवक गुरप्रीत सिंह की मदद के लिए आगे आते हुए उसे नई मोटरसाइकिल उपलब्ध करवाई है। राज्यसभा सदस्य ने कहा कि गुरप्रीत की पुरानी गाड़ी धमाके में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके कारण उसकी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था।

सांसद साहनी ने ऐसे में उसे सवा लाख रुपये कीमत की नई मोटरसाइकिल देकर फिर से काम शुरू करने में सहायता की गई है। सांसद साहनी ने फोन पर गुरप्रीत के परिवार से बातचीत भी।

गुरप्रीत सिंह के पिता से फोन पर बात करते हुए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी।

स्कूटी जाने से रोजी-रोटी का संकट पैदा हुआ

20 वर्षीय गुरप्रीत सिंह एक सामान पहुंचाने वाली कंपनी में काम करता है। धमाके में उसकी स्कूटी पूरी तरह खत्म हो गई। मंगलवार रात बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स पंजाब मुख्यालय के बाहर हुए धमाके के दौरान उसकी मोटरसाइकिल आग की चपेट में आ गई थी। घटना के बाद से वह मानसिक सदमे में है।

गुरप्रीत ने मीडिया से बातचीत में बताया कि धमाके के बाद कुछ समय तक वह बोल भी नहीं पा रहा था और अब भी उसके दाहिने कान से ठीक तरह सुनाई नहीं देता। गुरप्रीत ने कहा कि वह रोज की तरह बीएसएफ परिसर में वापसी वाला पार्सल लेने गया था। वह अपनी मोटरसाइकिल के पास खड़ा था कि अचानक जोरदार धमाका हुआ।

उसने बताया कि धमाके के बाद वह घबराकर बीएसएफ के मुख्य द्वार की ओर भागा। इस दौरान उसके कपड़ों में भी हल्की आग लग गई। उसने रोते हुए अपने पिता को फोन किया और घटना की जानकारी दी।

बीएसएफ में सेवाएं दे चुके पीड़ित के पिता

गुरप्रीत के पिता कश्मीर सिंह, जो पहले बीएसएफ में रसोइए के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं, ने बताया कि पूरा परिवार अभी भी इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि गुरप्रीत ठीक से खाना नहीं खा पा रहा और लगातार डरा हुआ रहता है। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले ही कमजोर है और मोटरसाइकिल जल जाने से वे और परेशानी झेल रहा है।

परिवार ने कहा कि लोग उसे धमाके से जोड़कर तरह-तरह की बातें कर रहे थे, जिससे वह मानसिक रूप से और अधिक टूट गया। गुरप्रीत ने कहा कि वह खुद इस घटना का शिकार था, लेकिन उसे आरोपी की तरह देखा गया। फिलहाल नई मोटरसाइकिल मिलने के बाद उसे उम्मीद है कि वह जल्द दोबारा काम शुरू कर सकेगा और परिवार की जिम्मेदारियां निभा पाएगा।

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