तीन दिवसीय नॉर्थ टेक सिंपोजियम के दूसरे दिन आज मंगलवार को उद्घाटन समारोह में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ इंपोर्टर नहीं रहा अब वह एक्सपोर्टर की राह पर है। नया भारत न आंख दिखता है, न आंख चुराता है और न ही हाथ फैलाता है।
डिफेंस सेक्टर को मजबूत करना और आत्मनिर्भर बनना है
आज हम उस स्थिति में है कि हमें टेक्नोलॉजी का इंतजार नहीं करना है बल्कि हम अपने लिए टेक्नोलॉजी खुद तैयार कर सकते हैं। अब भारत इंतजार नहीं करेगा कि उसे टेक्नोलॉजी को इंपोर्ट करना पड़े। नवाचार के माध्यम से डिफेंस सेक्टर को मजबूत करना है और आत्मनिर्भर बनना है।
अब हम बदल चुके हैं, नए भारत हैं
भारतीय सेना की उत्तरी एवं मध्य कमान तथा भारतीय रक्षा निर्माता सोसायटी की ओर से आयोजित समारोह के दूसरे दिन रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के समय भारत के राष्ट्रपति ने कहा था कि हमें भय नहीं दिखाना है और न ही भयमुक्त होना है। हम अब तैयार है। वह दिन बहुत पीछे गए कि हम पुराने भारत रहे, अब हम बदल चुके हैं, हम नए भारत हैं।
हर सैनिक के पीछे एक योद्धा होता है
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि मैं याद दिलाने आया हूं कि हर सैनिक के पीछे एक योद्धा होता है और रक्षा तकनीक का इजाद करने वाली कंपनियों और उनके पीछे काम करने वाले लोग ही योद्धा हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से देवताओं को जब शक्ति की आवश्यकता थी तो भगवान विश्वकर्मा ने उन्हें चमत्कारिक शास्त्र दे दिए, इसी तरह हमारी रक्षा कंपनियों अब हमारी सेवा को विभिन्न तकनीक और हथियार दे रही हैं। आप कारखाने में पसीना बहाते हैं, जिससे सीमा पर खून कम बहता है।
लक्ष्य है आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी भारत
उन्होंने कहा कि एक वर्ष पूर्व ऑपरेशन सिंदूर में आप सबकी मेहनत से ही हमने पराक्रम और वीरता का ऐसा दृश्य पैदा किया था कि 140 करोड लोग जब बदला लेना चाह रहे थे तब पाकिस्तान घुटने पर आ गया था। हमने पाकिस्तान के मंसूबे और आतंकवादी अटैक के साथ उनके एयर बेस को तबाह कर दिया था। भविष्य में हमारा सिर्फ एक ही लक्ष्य है आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी भारत।
रक्षा राज्य मंत्री ने विभिन्न हथियारों और उपकरणों का डेमो भी देखा। उन्होंने 45 डिग्री किए स्लोप पर चढ़ते हुए वाहनों की गति, उनकी सुरक्षा परखी तो ड्रोन के साथ एंट्री ड्रोन को भी प्रदर्शन करते देखा। इसके अलावा एडवांस वेपन के जरिए फायरिंग और रडार को चकमा देने वाले तकनीक को भी देखा।


