नया नोएडा में बिल्डर नहीं कर पाएंगे खेल, सैटेलाइट इमेज से खसरा वार होगी पैमाइश; अवैध निर्माणों पर गिरेगी गाज

  दादरी नोएडा गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (डीएनजीआईआर) के रूप में विकसित होने वाला ‘नया नोएडा’ में अवैध निर्माण और जमीन की खरीद फरोख्त तेजी से बढ़ रही है।

इसको लेकर नोएडा प्राधिकरण अधिकारियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है कि इसको किस प्रकार से रोका जाए, क्योंकि प्राधिकरण अभी तक यहां पर विकसित होने वाले शहर के लिए एक इंच भी जमीन का अधिग्रहण नहीं कर सका है।

जबकि इस शहर को विकसित करने की अधिसूचना वर्ष 2021 में जारी हो चुकी थी, मास्टर प्लान 2041 को अक्टूबर 2024 में शासन से मंजूर हो चुका है। ऐसे में अब इस समस्या का विकल्प तलाशने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ इस सप्ताह बैठक बुलाई गई है।

डीएनजीआईआर ने उठाए दो बड़े कदम

इसमें डीएनजीआईआर के लिए दो बड़े कदम उठाए जाने का निर्णय लिया है, जिसके लिए दो कटऑफ माना गया है। पहला कट ऑफ अवैध निर्माण को रोकने और दूसरा खरीद फरोख्त रोकने के लिए के लिए होगा।

बता दें कि नया शहर को 209 वर्ग किमी में बसाया जाना है। इसके लिए अक्टूबर 2024 की सेट लाइट इमेज ली जाएगी। इस माह तक जितना निर्माण किया गया है उसे वैद्य माना जाएगा। इसके बाद का निर्माण अवैध की संज्ञा में आ सकता है।

इसरो से बात करेगा नोएडा प्राधिकरण

यदि प्राधिकरण ने सेटलाइट इमेज के लिए अनुमति नहीं ली है तो प्राधिकरण इसरो या किसी अन्य एजेंसी से बातचीत करेगा। सेटलाइट इमेज के आधार पर ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।

खरीद फरोख्त को लेकर प्राधिकरण ने माना कि डीएनजीआइआर क्षेत्र में बिल्डर किसानों से जमीन खरीद रहे है। इनको रोकना होगा। इसके लिए प्राधिकरण अधिकारी एक बैठक इसी सप्ताह करेगा। इसमें नए क्लाज को जोड़ा जा सकता है।

हालांकि इसके लिए शासन से संस्तुति करानी पड़ेगी। नया नोएडा बसाने के लिए यमुना विकास प्राधिकरण की तर्ज पर 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर मुआवजा दर तय हो चुकी है। किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन ली जाएगी। जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया प्राधिकरण शुरू कर सकता है।

इमेज में इन बिंदुओं को किया गया शामिल

  • 80 गांव की अलग-अलग इमेज ली जाएगी
  • खसरा नंबर वाइज इमेज ली जाएगी
  • निर्माण-खाली जमीन की अलग-अलग इमेज होगी
  • जमीन की पैमाइश तक की जाएगी
  • सड़क, पार्क , स्कूल, काॅलेज, इंडस्ट्रियल एरिया, रेजीडेंसिएयल, यूटिलीटीस की जानकारी ली जाएगी

चार फेज में बनेगा डीएनजीआईआर

डीएनजीआईआर 209.11 वर्ग किमी में यानी 20 हजार 911.29 हेक्टेयर में बसाया जाएगा। इस मास्टर प्लान को चार फेज में पूरा किया जाएगा। 2023-27 तक इसके 3165 हेक्टेयर को विकसित किया जाएगा।

इसी तरह 2027 से 2032 तक 3798 हेक्टेयर एरिया को विकसित किया जाएगा। इसके बाद 2032-37 तक 5908 हेक्टेयर और अंत में 2037-41 तक 8230 हेक्टेयर जमीन को विकसित करने का प्लान है।

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