सामने घाट पर क्रूज टर्मिनल के निर्माण का रास्ता साफ, दो एकड़ जमीन के लिए नगर निगम कार्यकारिणी की स्वीकृति

काशी को एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय जल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। लंबे समय से प्रतीक्षित सामने घाट क्रूज टर्मिनल के निर्माण का मार्ग अब स्पष्ट हो गया है। नगर निगम की कार्यकारिणी समिति ने सामने घाट स्थित दो एकड़ भूमि को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्यू एआई) को देने के लिए सैद्धांतिक रूप से सशर्त सहमति प्रदान की है।

इस सहमति की शर्त यह है कि प्राधिकरण को इस मूल्यवान भूमि का किराया डीएम सर्किल रेट के अनुसार देना होगा। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो प्राधिकरण को निगम को निर्मित टर्मिनल भवन का एक फ्लोर आवंटित करना होगा। इससे निगम के राजस्व में वृद्धि होगी और सरकारी संपत्तियों का उचित मुद्रीकरण सुनिश्चित होगा।

नगर निगम के इस निर्णय से न केवल क्रूज संचालन को व्यवस्थित आधार मिलेगा, बल्कि बनारस के पर्यटन और बुनियादी ढांचे में भी क्रांतिकारी बदलाव की उम्मीद है। आराजी संख्या 316/25 की दो एकड़ भूमि पर बनने वाला यह प्रोजेक्ट काशी को स्मार्ट सिटी से आगे बढ़ाकर एक वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह टर्मिनल गंगा की लहरों पर पर्यटन को सुगम बनाएगा और बनारस की अर्थव्यवस्था में एक नया अध्याय जोड़ेगा।

वर्तमान में अधिकांश क्रूज और नावों का संचालन मुख्य घाटों तक सीमित था, जिससे वहां भारी दबाव बना रहता था। इस टर्मिनल के निर्माण से गंगा के उस पार और सामने घाट क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे स्थानीय हस्तशिल्प और छोटे व्यापारियों को नए अवसर प्राप्त होंगे। क्रूज संचालन, टर्मिनल प्रबंधन, और संबंधित सेवाओं (जैसे होटल, गाइड, परिवहन) के माध्यम से सैकड़ों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। यह टर्मिनल भविष्य में वॉटर टैक्सी और अन्य जल परिवहन सेवाओं के लिए मुख्य पड़ाव बनेगा, जिससे शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

इसके अतिरिक्त, नगर निगम ने शहर के सेवा बस्तियों (मलीन बस्तियों) का सर्वेक्षण आरंभ कर दिया है, जिसमें शिवपुर स्थित कांशीराम आवास भी शामिल है। इन बस्तियों में सितंबर-अक्टूबर तक बिजली, सड़क, नाली और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही, 67 लाख रुपये की लागत से ऐढ़े स्थित गौशाला के पीछे खाली जमीन पर नई चाहरदीवारी और गौशाला का निर्माण कराया जाएगा, जिससे निराश्रित गोवंश को बेहतर आश्रय मिल सकेगा।

नगर निगम ने शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए कुछ प्रोजेक्टों का निर्माण अवस्थापना विकास निधि से कराने की भी स्वीकृति दी है। इसमें 98.59 लाख रुपये की लागत से (नदेसर) दैनिक जागरण कार्यालय के पास रेलवे लाइन के किनारे नाला निर्माण, चौकीदार कक्ष और शौचालय बनाने का कार्य शामिल है। कैंटोमेंट क्षेत्र में 44.96 लाख रुपये की लागत से चौकीदार कक्ष, शौचालय, सबमर्सिबल और नाली निर्माण का कार्य प्रस्तावित है। इसके अलावा, करीब 1.52 करोड़ रुपये की लागत से परेड कोठी में पार्किंग, ऑफिस कक्ष, वर्कशॉप शेड और अन्य निर्माण कार्य कराए जाएंगे।

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