हत्या का बदला लेने की खूनी साजिश: 10 लाख की सुपारी, अलीगढ़ पुलिस ने शूटरों संग बिल्डर का भाई किया गिरफ्तार

एडीएम कंपाउंड के पास पिछले साल 21 जुलाई को दिनदहाड़े स्कूटी सवार बिल्डर जुल्फिकार उर्फ लाडले खां की दिन दहाड़े हुई हत्या कर दी गई थी। इसका बदला लेने के लिए उसके छोटे भाई शाहजी खान उर्फ शैजी के मन में पहले ही दिन से आग धधक रही थी।

कई महीनों की तैयारी की बाद शाहजी ने दिल्ली और बदायूं के शूटरों से संपर्क कर हत्यारोपित आदम को ठिकाने लगाने के लिए दस लाख की सुपारी दी। पिस्टल खरीद कर दी और आदम का फोटो भी शूटरों को दिया। छह मई को हत्या करनी थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने शाहजी सहित चार को दबोच लिया। इनमें एक शूटर शामिल है। एक शूटर फरार है।

एडीएम कंपाउंड के पास पिछले साल 21 जुलाई को हुई थी बिल्डर की हत्या

एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने रविवार को मीडिया को बताया कि लाडले खान की हत्या में थाना सिविल लाइन में जोहरा बाग निवासी आदम व क्वार्सी क्षेत्र के इस्लाम नगर, नगला पटवारी निवासी वसीम के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का पर्दाफाश किया। आदम वर्तमान में जमानत पर है। लाडले खान के छोटे भाई शाहजी खान ने अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए आदम की हत्या की साजिश रची।

हत्यारोपित को मरवाने के लिए बिल्डर के भाई ने बनाई योजना

पुलिस जांच में सामने आया कि शाहजी ने करीब 10 लाख रुपये की सुपारी देकर चार लोगों को आदम की हत्या का जिम्मा सौंपा था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सर सैय्यद नगर निवासी शाहजी खान उर्फ शैजी के अलावा जीवनगढ़ गली नंबर-14 निवासी अरशद, सीमापुरी, शाहदरा(दिल्ली) के ए93 ओल्ड सीमापुरी हिदकतप दिलशाद उर्फ शाहरूख, बदायूं के अलापुर क्षेत्र के ककराला वार्ड-21 निवासी सलमान को गिरफ्तार कर लिया। दिलशाद उर्फ शाहरूख और दिल्ली के फैजल को हत्या करनी थी। फैजल अभी फरार है।

दिल्ली और बदायूं के शूटर को दी सुपारी, छह मई को करनी थी हत्या

प्रेस वार्ता में एसपी सिटी आदित्य बंसल, सीओ सर्वम सिंह भी थे। गिरफ्तार करने वाली टीम में अतिरिक्त निरीक्षक सुशील कुमार योगी, क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग (नगर) विनय कुमार, सविलांस प्रभारी सुनील तोमर एसआइ मानवेन्द्र सिंह आदि शामिल रहे। एसएसपी ने टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

जनवरी में ही बना ली थी योजना

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि शाहजी अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए जनवरी 2026 से ही योजना बना रहा था। उसने अपने परिचितों के जरिए शूटरों को तैयार किया और आदम की गतिविधियों की रेकी कराई जा रही थी। आरोपितों की योजना छह मई से पहले ही आदम की हत्या को अंजाम देने की थी। इस साजिश में शामिल एक अन्य फरार अभियुक्त की तलाश जारी है।

एक माह पहले लग गई थी पुलिस को भनक, आदम कर दिया अलर्ट

आदम की हत्या हो सकती है, इसकी भनक पुलिस को एक माह पहले ही लग गई थी। इसके देखते हुए आदम को अलर्ट कर दिया। वह फिलहाल दिल्ली में रहता है। तारीख पर कोर्ट में आता है। शनिवार को पुलिस को पता चला कि शाहजी ने शूटर भी हायर कर लिए हैं। शाहजी को गिरफ्तार किया तो पूछताछ में उसने सब बता दिया। पुलिस ने पिस्टल भी बरामद कर ली। इसके बाद मोबाइल काल डिटेल व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य तीन को गिरफ्तार कर लिया।

मार्च में शाहजी दो बार एसएसपी से मिला था। उसने भाई की हत्या के बाद परिवार में संपत्ति को लेकर पैदा हुए विवाद के बारे में बताया। लाडले की पत्नी ने इसी मामले में एसएसपी से मुलाकात की। तब किसी ने आदम व अन्य से खतरे की बात नहीं की कही थी।

सलमान पर 19 मुकदमा

सलमान शातिर अपराधी है। उस पर लूट, जान लेवा हमला, डकैती, गोवध निवारण अधिनियम, गैंगस्टर आदि के 19 मुकदमा पंजीकृत हैं। ये मुकदमा सिविल लाइन, थाना बन्नादेवी में दर्ज हैं। सर्वाधिक 18 मुकदमा सिविल लाइन में दर्ज हैं। शाहजी खान उर्फ शैजी पर सिविल लाइन में चार व खुर्जा नगर बुलंदशहर में एक मुकदमा, अरशद पर सिविल लाइन में दो और दिलशाद पर एक मुकदमा पंजीकृत है।

ये सामान हुआ बरामद

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक अवैध32 बोर पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और आदम का रंगीन फोटो बरामद किया है।

कोचिंग से बेटी को जा रहे थे लेने, रास्ते में मारी गोलीं

मूल रूप से छर्रा कोठी मुहल्ला निवासी बिल्डर जुल्फिकार खां उर्फ लाडले खान परिवार के साथ सिविल लाइंस क्षेत्र के मेडिकल रोड पर स्थित रिफा कांप्लेक्स में रहते थे। जकरिया मार्केट में उनकी दवा की दुकान ह। 21 जुलाई 2025 को दोपहर करीब 1:45 बजे वे जामिया उर्दू के पीछे की मस्जिद से नमाज पढ़कर स्कूटी पर सवार होकर बेटी को कोचिंग से लेने जा रहे थे।

एडीएम कंपाउंड के पास गुजरते मेडिकल रोड की ओर से पीछे से आए बुलेट बाइक सवार दो हमलावरों ने उन्हें स्कूटी में टक्कर मारकर रोका। उनके चार गोली मारीं। दो गोली पेट-सीने पर, एक कनपटी पर व एक सीधे बाजू में लगी। उन्हें गंभीर हालत में जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया थ, जहां तीन दिन बाद चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

पॉक्सो में दर्ज मुकदमा का बदला लेने को हुई लाड़ले की हत्या

लाडले की हत्या में पॉक्सो में दर्ज मुकदमा का बदला लेने को की गई थी। बिल्डर के यहां काम करने वाली महिला की बेटी के भाई ने मुकदमा पंजीकृत कराया था। बिल्डर व उसके स्वजन केस की पैरवी कर रहे थे। पहले यह महिला आदम के यहां काम करती थी। पुलिस ने तब बताया था कि आदम उसकी बेटी से एकतरफा प्यार करता था। बाद में यह महिला बिल्डर के यहां काम करने लगी।

आदम पर पंजीकृत कराया था केस

बिल्डर ने महिला को रहने के लिए फ्लैट भी दिया था। जहां वह बेटी व स्वजन के साथ रहने लगी। इसे लेकर आदम व बिल्डर के स्वजन में विवाद शुरू हो गया। आदम पर 2024 में महिला की बेटी के साथ छेड़छाड़ का मुकदमा उसके भाई ने पॉक्सो एक्ट में पंजीकृत कराया था। छेड़छाड़ का मुकदमा होने व जेल जाने से आदम अपमानित महसूस कर रहा था। इसका बदला लेने के लिए ही उसने बिल्डर को मारने का प्लान बनाया। पुलिस पूछताछ में आदम ने यह भी कहा था कि अगर मैं लाड़ले पर हमला नहीं करता तो वो मुझे मरवा देता।

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