सिरसा में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, थानों की रेकी कर वीडियो बनाने वाले संदिग्ध काबू; STF ने खंगाले CCTV और मोबाइल

थाने और चौकियों की रेकी करके वीडियो बनाकर उसे देशद्रोहियों को भेजने वाले संदिग्धों से पूछताछ के लिए हिसार एसटीएफ की टीम सिरसा पहुंची। टीम ने संदिग्धों से गहन पूछताछ की। मुख्य संदिग्ध रोहित उर्फ काकू से गहन पूछताछ की। वह चार महीने पहले ही जेल से बाहर आया था।

उसने ही राजबीर के मोबाइल से वीडियो बनाया था। रोहित के पास खुद का मोबाइल नहीं था, इसलिए वह बातचीत के लिए भी उसका फोन प्रयोग करता था। सभी संदिग्ध 18 से लेकर 22 साल के हैं। बता दें कि सिरसा में सिविल लाइन थाना, हुडा चौकी पर अटैक की आशंका के चलते खुफिया इनपुट मिलने पर सिरसा पुलिस ने शुक्रवार को फ्लैटों में सर्च अभियान चलाया और संदिग्धों को काबू किया और थानों और चौकियों की सुरक्षा बढ़ा दी।

संदिग्धों से पूछताछ के बाद हिसार एसटीएफ अपने साथ ले गई। रविवार को संदिग्ध रोहित से मिलने के लिए उसकी मां रानी हांसी से भी सिरसा आई और बेटे से मिलने के लिए गुहार लगाई। रानी ने बताया कि उसके बेटे रोहित को पकड़ने के लिए शुक्रवार रात को पुलिस की टीमें सिरसा से हांसी आई थी।

जब उसे लेकर जाने लगे तो मैंने कहा कि मुझे मोबाइल दें दो, लेकिन वे सिम निकॉलकर दे गए। रानी का कहना है कि स्टाफ ने उसे हिसार लेकर जाने की बात कही गई। रानी के अनुसार रोहित के पास मोबाइल नहीं था। वह उसके फोन से ही बात करता था।

उसके पास फ्लैट में रहने वाले सन्नी बाबा के नाबालिग बेटे की ही वीडियो कॉल आती थी। रानी का कहना है यदि उसका बेटा देशद्रोही है तो उसे सजा मिलनी चाहिए। परंतु उसकी भी तलाश होनी चाहिए कि किसने उसका संपर्क करवाया। वहीं राजबीर की बहन आरती ने बताया कि एक हफ्ते पहले ही वे फ्लैट में शिफ्ट हुआ था।

इसी दौरान रोहित से राजबीर की जान पहचान हुई। रोहित ने राजबीर का मोबाइल लेकर वीडियो बनाई थी। उसके पति और नाबालिग बुआ के लड़के को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था। सिरसा में महिला थाना ब्लास्ट की तर्ज पर दूसरी वारदात को अंजाम देने से पहले ही पुलिस ने पांच संदिग्धों को काबू किया है।

सिरसा पुलिस ने शुक्रवार रात मोटरसाइकिल सवार राजबीर उर्फ राजीव और उसके जीजा सोनू व एक नाबालिग को काबू किया। राजबीर के मोबाइल से थाने और चौकी की वीडियो बरामद हुई।

संदिग्ध विकास के कमरे का तोड़ा दरवाजा

सिरसा पुलिस के सर्च अभियान में संदिग्धों के फ्लैट्स की तलाशी ली और सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर अपने कब्जे में ली। संदिग्ध नाबालिग की मां ने बताया कि वह अपने बेटे को पुलिस के पास पूछताछ के लिए छोड़कर आई थी। उसका बेटा नगर परिषद में ठेकेदारी प्रथा के तहत सफाई कर्मचारी है।

स्वजनों के फोन भी पुलिस ने बरामद किए है। संदिग्ध विकास को काबू करने के लिए पुलिस को उसके घर का दरवाजा तोड़कर दाखिल होना पड़ा। उसके दोनों भाईयों से पूछताछ करके उन्हें छोड़ दिया गया था।

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