शुक्रवार की सुबह छह बजे वक्त था। कलेक्ट्रेट परिसर में सन्नाटा पसरा था। सन्नाटे को कुछ अफसरों की गाड़ियों की आवाजाही ने तोड़ दिया। करीब 10 मिनट बाद डीएम और सीडीओ की गाड़ियां आ गईं।
इस दरम्यान कलेक्ट्रेट के कुछ और अधिकारी और कर्मचारी आ गए। डीएम ने सीडीओ के साथ पूरे कलेक्ट्रेट परिसर का भ्रमण किया और फिर अधिकारियों को टीम के साथ श्रमदान करने को कहा और कुछ देर में खुद भी जुट गए।
पहले कूड़ा साफ करने को झाडू उठाई और फिर एकत्रित कूड़े को तसले में भरकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में डालकर स्वच्छता का संदेश दिया।
डीएम को सफाई करते देख दूसरे अफसर भी कूड़ा उठाने में जुट गए। किसी के हाथ में फावड़ा दिखा तो किसी के हाथ में झाडू। काफी देर तक अफसरों में कूड़ा उठाने की होड़ सी मची रही। सूचना पर मीडिया बंधु आ गए और उनसे कहा कि अधिकारी और कर्मचारी स्वयं श्रमदान करते हैं तो समाज के लिए ये प्रेरणा बनता है। कुल मिलाकर करीब तीन घंटे तक अफसरों ने कर्मचारियों के साथ श्रमदान किया।
कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम के साथ सीडीओ और दूसरे अफसरों ने भी किया श्रमदान
अंतरराष्ट्रीय श्रम दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कार्यालयों एवं कलक्ट्रेट परिसर में वृहद स्वच्छता अभियान के मौके पर डीएम अतुल वत्स ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को श्रम के महत्व एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का दिया संदेश।
श्रम दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर, कार्यालयों में विशेष सफाई महाअभियान में डीएम के अलावा मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित, अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रकाश चंद्र, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारियों,कर्मचारियों के श्रमदान के माध्यम से साफ-सफाई की।
कार्यस्थल और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखें
डीएम ने कहा कि “अंतरराष्ट्रीय श्रम दिवस हमें श्रम की गरिमा और श्रमिकों के अमूल्य योगदान का सम्मान करने की प्रेरणा देता है। आज कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित स्वच्छता अभियान के माध्यम से हमने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि स्वच्छता हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बोले डीएम, अधिकारी, कर्मी स्वयं श्रमदान करते हैं, तो समाज के लिए प्रेरणा बनता है
डीएम ने कहा जब अधिकारी और कर्मचारी स्वयं श्रमदान करते हैं, तो यह समाज के लिए एक प्रेरणा बनता है। स्वच्छ, सुव्यवस्थित और सकारात्मक कार्यस्थल न केवल हमारी कार्यक्षमता को बढ़ाता है, बल्कि आमजन के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है। यदि हम अपने कार्यस्थल और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखें, तो न केवल स्वस्थ समाज का निर्माण होगा, बल्कि हमारी कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी नियमित रूप से स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और ‘स्वच्छ भारत’ के संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाते रहें।”
ये रहे मौजूद
श्रमदान में जिला वन अधिकारी आरसी यादव, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी आलोक माहेश्वरी, जिला पूर्ति अधिकारी धु्रवराज यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी,राकेश बाबू, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका हाथरस रोहित सिंह, कलेक्ट्रेट बारएसोसिएशन के अध्यक्ष सचिव एवं अन्य अधिवक्तागण विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारीगण एवं अन्य संबंधित कर्मी आदि उपस्थित रहे।


