जिला परिषद में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला, जब अध्यक्ष सीता देवी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। इसके साथ ही उन्हें अपने पद से हटना पड़ा।
विशेष बैठक में हुआ मतदान
समाहरणालय सभागार में प्रभारी डीएम सह जिला अल्पसंख्यक पदाधिकारी सलीम अख्तर की मौजूदगी में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया गया।
सभी 26 सदस्यों ने किया समर्थन
बैठक में उपस्थित 26 सदस्यों ने एकमत होकर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। कुल 47 सदस्यों वाली परिषद में 26 सदस्य बैठक में शामिल हुए और सभी ने अध्यक्ष के खिलाफ वोट दिया।
कई सदस्य रहे अनुपस्थित
इस अहम बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष सीता देवी, उपाध्यक्ष अरूणा झा, पूर्व उपाध्यक्ष ललिता झा समेत 21 सदस्य अनुपस्थित रहे। उनकी अनुपस्थिति भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी रही।
अब चुनाव की तैयारी
प्रभारी डीएम ने मतगणना के बाद अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की घोषणा की और बताया कि अब नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग को सूचना भेजी जाएगी, जिसके बाद चुनाव की तिथि तय होगी।
पहले भी हो चुका है प्रस्ताव
गौरतलब है कि 12 जनवरी 2024 को भी जिला परिषद में अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ था। इसके बाद 15 मार्च 2024 को हुए चुनाव में सीता देवी अध्यक्ष बनी थीं, जबकि 21 अगस्त 2024 को अरूणा झा उपाध्यक्ष निर्विरोध चुनी गई थीं।
बदले राजनीतिक समीकरण
दिलचस्प बात यह है कि जिन सदस्यों ने पहले सीता देवी को अध्यक्ष बनाने में भूमिका निभाई थी, वही अब उनके विरोध में खड़े नजर आए। इस पूरे घटनाक्रम को जिले की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।


