नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 32 एकसारी बीघा स्थित जर्जर सरकारी मध्य विद्यालय का मामला गुरुवार को अचानक तूल पकड़ लिया।
विद्यालय की जर्जर स्थिति से ऊबे विद्यार्थी, अभिभावक के साथ स्थानीय निवासी सड़क पर उतर आए। आक्रोशित लोगों ने लगभग डेढ़ घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 333 ए को जाम रखा। जिसके कारण इस राजमार्ग के शेखपुरा-सिकंदरा खंड वाहनों की लंबी कतार लग गई है और आवागमन ठप हो गया।
इस आंदोलन के कारण जाम में कई बरात और दूल्हा-दुल्हन के वाहन भी फंसे रहे। जाम तोड़वाने आए जिला शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, पुलिस को ग्रामीणों के आक्रोश के सामने वापस जाना पड़ा।
ग्रामीण सीधे जिलाधिकारी के आने की मांग पर अड़े रहे। बाद में अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी तथा अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार ने लोगों को समझाकर सड़क जाम समाप्त कराया।
ग्रामीणों को समझाने के लिए पूर्व विधायक विजय सम्राट भी जाम स्थल पर पहुंचे। बता दें एकसारी बीघा के जर्जर सरकारी विद्यालय को लेकर दैनिक जागरण ने बुधवार के अंक में विस्तृत समाचार प्रकाशित किया था।
विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति के कारण बच्चे पेड़ और करकट के नीचे पढ़ने को विवश हैं। अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने बताया ग्रामीणों को समझाकर सड़क जाम समाप्त करा दिया गया है। विद्यालय का नया भवन बनवाने के लिए राज्य मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है।
क्यों उग्र हुए ग्रामीण
11 वर्षों से जर्जर विद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थी तथा कई ग्रामीण सोमवार को जनसुनवाई में जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचकर विद्यालय का नया भवन बनवाने की गुहार लगाई थी।
इस जर्जर विद्यालय के भवन के निर्माण को लेकर 11 वर्षों से सरकारी पत्राचार हो रहा है। सोमवार को विद्यार्थियों तथा ग्रामीणों की बातें सुनने के बाद जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र के इस विद्यालय तत्काल व्यवस्था के तहत कैथवा पंचायत के मनियंडा मध्य विद्यालय में शिफ्ट करने की बात कही थी तथा इसका विरोध करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी।
स्थानीय ग्रामीण तथा अभिभावक सुरेंद्र यादव, अजय प्रसाद, बाल्मीकी प्रसाद ने बताया जिलाधिकारी की इसी चेतावनी ने विद्यार्थियों तथा ग्रामीणों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया।


