एमजी रोड स्थित राजा की मंडी बाजार में मंगलवार दोपहर नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। दोपहर तीन बजे से शुरू हुआ अभियान रात नौ बजे तक चला। रोड, फुटपाथ और गैलरी को खाली कराया गया।
कर्मचारियों ने सीढ़ियों में लाल निशान लगाए। बैकहो लोडर से लोहे के शेड, तिरपाल और अस्थायी कब्जों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई से कारोबारियों में खलबली मची रही। बुधवार को भी निगम की टीम कार्रवाई कर सकती है।
वहीं सुप्रीम कोर्ट में चार मई को विवादित भूमि को लेकर जारी अवमानना नोटिस की सुनवाई होगी। कोर्ट ने प्रमुख सचिव नगर विकास पी गुरु प्रसाद, मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप सहित आठ अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
दोपहर तीन से रात नौ बजे तक नगर निगम की टीम ने चलाया अभियान
राजा की मंडी बाजार 79 साल पुराना है। बाजार नजूल और नगर निगम की भूमि पर विकसित हुआ है। 90 साल के लिए पट्टा का आवंटन हुआ था। 30-30 साल में पट्टा का नवीनीकरण होना था। पट्टा शर्तों का उल्लंघन करने पर पांच अप्रैल 2025 को नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने इसे रद कर दिया था।
दो फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में तत्कालीन डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल किया था। इसमें भूमि रोड और फुटपाथ की भूमि बताया था। तीन फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने रास्ता और फुटपाथ की भूमि को खाली कराने के आदेश दिए थे।
कारोबारियों में मची खलबली
17 फरवरी तक कार्रवाई न होने पर इसी माह कोर्ट ने अवमानना का नोटिस जारी किया है। मंगलवार दोपहर तीन बजे नगर निगम की टीम राजा की मंडी बाजार पहुंची। बैकहो लोडर से अतिक्रमण को हटाना चालू किया। इससे कारोबारियों में खलबली मच गई। कई दुकानदारों ने रोड और फुटपाथ से सामान हटा लिया। टीम ने तिरपाल, लोहे के शेड सहित, बोर्ड को ध्वस्त करदिया। रोड, फुटपाथ और गैलरी से सामान उठाना चालू कर दिया।
चार मई को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
कई दुकानदारों ने कार्रवाई का विरोध किया लेकिन निगम की टीम ने अभियान चलाने से मना कर दिया। टीम ने फड़वालों को भी हटा दिया। चार कर्मचारियों ने सीढ़ियों में लाल निशान लगाना चालू किया। यह कार्य रात नौ बजे तक चला। दुकानदारों को दोबारा अतिक्रमण न करने की चेतावनी भी दी गई। अपर नगरायुक्त शिशिर कुमार ने कहा कि रोड और फुटपाथ पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।
प्रभावित हुई खरीदारी
मंगलवार दोपहर तीन बजे राजा की मंडी बाजार में खरीदारों की भीड़ थी। अतिक्रमण विरोधी अभियान के चलते खरीदारी प्रभावित हुई। दुकानदारों के सामने से गाड़ियां तक हटवा दी गईं।


