बिना अनुमति के लगवाई गई बाबा साहेब डा़ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा शुक्रवार देर रात पुलिस-प्रशासन ने हटवा दी। शनिवार सुबह प्रतिमा गायब देख समाज के लोग पार्क में इकट्ठा हुए और हंगामा करने लगे।
पुलिस बल के साथ पहुंचे सीओ शुभम पटेल ने समाज के लोगों से वार्ता कर प्रशासन की अनुमति लेने को कहा। इसके बाद समाज के लोगों को ही प्रतिमा देकर कमरे में सील कर दी गई।
वहीं, गांव में एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। कांठ के मुजफ्फरपुर टांडा गांव के पार्क में अनुसूचित जाति के लोगों ने आंबेडकर की प्रतिमा को गुरुवार रात प्लेटफार्म तैयार कराकर लगवा दिया। शुक्रवार दिन भर प्रतिमा लगी रही। किसी का इस ओर ध्यान भी नहीं गया।
शुक्रवार रात्रि कुछ ग्रामीणों ने इसकी जानकारी मौखिक रूप से पुलिस को दी। देर रात पुलिस-प्रशासन की टीम पहुंची और प्रतिमा हटवा दी। इस पर लोगों ने विरोध जताया। हंगामा बढ़ने पर सीओ पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और समझाया।
इसी दौरान प्रतिमा का एक कान टूटने पर समाज के लोगों ने रोष व्यक्त किया। इस पर प्रतिमा लगाने की अनुमति मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने प्रतिमा को ठीक कराने का वादा किया।
इससे पहले 16 अप्रैल को ठाकुरद्वारा के नारायणपुर छंगा में आंबेडकर प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने को लेकर बवाल हुआ था। पुलिस ने पूर्व भाजपा विधान सभा प्रत्याशी अजय प्रताप सिंह समेत दोनों पक्षों से करीब 175 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले ने अब तक राजनीतिक तूल पकड़ा हुआ है।


