श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने श्री राम लला सहित परिसर के सभी पूरक मंदिरों में दर्शन-पूजन प्रक्रिया में कई बदलाव किया है। इसके तहत अब सामान्य पासधारकों को भी परकोटे के पूरक मंदिरों का दर्शन मिलने लगा है। ट्रस्ट ने इसके साथ ही सलाह दी है कि सभी श्रद्धालु भारतीय परिधान में ही सभी देवताओं का दर्शन-पूजन करें।
ट्रस्ट के इस बदलाव को दर्शन व्यवस्था में समानता और पारदर्शिता लाने का प्रयास माना जा रहा है। राम मंदिर ट्रस्ट की सलाह है कि अयोध्या के मंदिरों में सभी श्रद्धालु भारतीय परिधान में दर्शन करें। पुरुष धोती-कुर्ता या कुर्ता-पजामा में और महिलाएं साड़ी या पंजाबी ड्रेस दुपट्टा या चूड़ीदार दुपट्टा में दर्शन करें। हालांकि अभी ये अनिवार्य नहीं केवल सलाह है।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अधिकाधिक पासधारकों को पूरक मंदिरों का दर्शन कराने के लिए प्रायोगिक रूप से नई व्यवस्था शुरू की है। अब जब दोपहर में या अन्य समय में दर्शनार्थियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है, तो सामान्य पास के माध्यम से सप्तर्षि मंदिरों का दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं को परकोटा की ओर भी भेजा जा रहा है।
इससे अब तक केवल सप्तर्षि व शेषावतार मंदिर और कुबेर टीला का दर्शन करने वाले पासधारक श्रद्धालुओं को परकोटे में बने छह पूरक मंदिरों में भी दर्शन मिलने लगा है। हालांकि अधिक भीड़ होने पर सुरक्षा की दृष्टि से यह प्रयोग नहीं किया जाता है, तब सुगम व विशिष्ट पासधारक श्रद्धालुओं को ही परकोटे में भेजा जाता है। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डा. अनिल मिश्र ने कहा कि अभी व्यवस्था का आकलन किया जा रहा है, जल्द ही परिसर के पूरक मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या को बढ़ाया जाएगा।
व्यवस्था में कई बदलाव
- अब वेबसाइट पर केवल सुगम दर्शन के साथ सामान्य दर्शन का भी विकल्प उपलब्ध।
- सुगम दर्शन पास में रामलला, राम परिवार व परकोटा के छह मंदिरों के होंगे दर्शन।
- सामान्य दर्शन पास में रामलला राम परिवार शेषावतार मंदिर सप्त मंदिर व कुबेर टीले के होंगे दर्शन।
- बुकिंग की अधिकतम संख्या घटा कर पांच की गई।
- अब तक आठ श्रद्धालु एक पास में कर सकते थे दर्शन।
- सुगम दर्शन पास मे आठ मई तक के सभी स्लॉट पहले ही फुल।
- सामान्य दर्शन में भी आठ मई तक के सभी स्लॉट फुल।
अयोध्या में खत्म हुआ वीआईपी कल्चर
अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने नई व्यवस्था लागू की है। अब ‘विशिष्ट दर्शन’ हटा दिया गया है। अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ ने आधिकारिक वेबसाइट और दर्शन व्यवस्था में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य दर्शन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और सभी के लिए समान बनाना है।
ट्रस्ट ने वीआईपी कल्चर को कम करने और सामान्य भक्तों को प्राथमिकता देने के लिए ऑनलाइन बुकिंग से ‘विशिष्ट दर्शन’ का विकल्प पूरी तरह हटा दिया है। अब वेबसाइट पर श्रद्धालुओं को केवल दो ही विकल्प दिखाई देंगे, सुगम दर्शन और सामान्य दर्शन। ट्रस्ट के इस कदम से अब सभी श्रद्धालुओं को एक ही श्रेणी के अंतर्गत दर्शन की सुविधा मिलेगी, जिससे दर्शन व्यवस्था में समानता आएगी।


