गोरखपुर में उर्वरक बिक्री में बड़ी गड़बड़ी, आठ प्रतिष्ठानों पर लगा प्रतिबंध

 उर्वरक बिक्री में अनियमितताओं को लेकर कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद छह सहकारी और दो निजी समेत कुल आठ उर्वरक प्रतिष्ठानों के व्यवसाय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। संबंधित विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।

जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 21 व 22 अप्रैल को पोर्टल पर उपलब्ध बिक्री विवरण की समीक्षा में अनियमितताएं पाई गईं। जांच में सामने आया कि कुछ विक्रेताओं द्वारा एक ही कृषक को निर्धारित मानक से अधिक मात्रा में यूरिया, डीएपी व टीएसपी की बिक्री की गई। कई मामलों में एक ही किसान को चार से आठ बोरी तक उर्वरक उपलब्ध कराया गया, जो नियमानुसार अनुचित है।

 उर्वरक बिक्री में अनियमितताओं को लेकर कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद छह सहकारी और दो निजी समेत कुल आठ उर्वरक प्रतिष्ठानों के व्यवसाय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। संबंधित विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।

जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 21 व 22 अप्रैल को पोर्टल पर उपलब्ध बिक्री विवरण की समीक्षा में अनियमितताएं पाई गईं। जांच में सामने आया कि कुछ विक्रेताओं द्वारा एक ही कृषक को निर्धारित मानक से अधिक मात्रा में यूरिया, डीएपी व टीएसपी की बिक्री की गई। कई मामलों में एक ही किसान को चार से आठ बोरी तक उर्वरक उपलब्ध कराया गया, जो नियमानुसार अनुचित है।

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि अनियमितता पाए जाने पर कृषक खाद भंडार मछलीगांव, कैंपियरगंज, एम पैक्स मुंडेरा ठकुराई, ब्रम्हपुर, एम पैक्स अगया, पिपराइच, एम पैक्स सोहगौरा, कौड़िराम, एम पैक्स खजवा, पिपराइच, जायसवाल ट्रेडिंग कंपनी रघुनाथपुर, भटहट, एम पैक्स नीबी दूबे, गोला, एम पैक्स नराइचपार, उरुवा पर कार्रवाई की गई है।

 

तत्काल प्रभाव से उर्वरक बिक्री पर रोक लगाते हुए नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। समय सीमा में स्पष्टीकरण न मिलने पर लाइसेंस निलंबन सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सभी उर्वरक विक्रेताओं को स्टाक बोर्ड व वितरण रजिस्टर अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश दिए गए हैं।

बिक्री के समय किसान का नाम, पता, मोबाइल नंबर और भूमि विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा। साथ में जनपद के लिए आवंटित उर्वरक की बिक्री केवल स्थानीय किसानों को ही की जाए। इसके अलावा जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरक का उपयोग करें और आवश्यकता से अधिक खरीदारी से बचें।

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