दुनिया के सबसे गर्म शहरों में शामिल हुआ बेगूसराय, पारा 43 डिग्री के पार; लू के थपेड़ों से जनजीवन अस्त-व्यस्त

जिले में बढ़ती भीषण गर्मी ने नया रिकार्ड कायम कर दिया है। एयर क्वालिटी और मौसम पर नजर रखने वाली संस्था एक्यू इन के ताजा आंकड़ों के अनुसार बेगूसराय दुनिया के सर्वाधिक 20 गर्म शहरों में शामिल हो गया है।

सोमवार से जारी लू और गर्म हवाओं के बीच तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, इससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

गर्मी की इस विकराल स्थिति के पीछे जहां एक ओर वैश्विक कारण जैसे हिमालयी क्षेत्रों में तापमान वृद्धि, मानसून में देरी और साफ आसमान के कारण तेज धूप को जिम्मेदार माना जा रहा है, वहीं स्थानीय स्तर पर पेड़-पौधों की अंधाधुंध कटाई और तेजी से कंक्रीट में बदलता शहर भी बड़ी वजह बनकर उभरा है।

लगातार बढ़ती गर्मी ने यह साफ संकेत दे दिया है कि पर्यावरण संतुलन बनाए बिना राहत संभव नहीं है। अब जरूरत है सामूहिक प्रयास की, ताकि बेगूसराय को फिर से हरियाली की ओर लौटाया जा सके।

छांव की तलाश में भटक रहे पशु

भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशुओं पर भी साफ दिख रहा है। शहर की सड़कों पर छांव की तलाश में पशु इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं।

वहीं, तेज धूप से बचाव के लिए लोगों में तौलिया, स्कार्फ और टोपी की मांग अचानक बढ़ गई है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है।

दोपहर बाद स्कूल संचालन पर रोक

जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत आदेश जारी किया है। इसके अनुसार जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में वर्ग-5 तक (प्री-स्कूल एवं आंगनबाड़ी सहित) की शैक्षणिक गतिविधियां दोपहर 12:30 बजे के बाद प्रतिबंधित कर दी गई हैं।

पर्यावरणविदों की चेतावनी

पर्यावरणविदों का मानना है कि यदि समय रहते हरित क्षेत्र नहीं बढ़ाया गया तो आने वाले वर्षों में स्थिति और भयावह हो सकती है।

उनका कहना है कि शहर की मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण, जल संरक्षण और हरित क्षेत्र का विस्तार जरूरी है।

सदर अस्पताल के समीप पेड़ की छांव में लगे प्याऊ से गला तर करती महिलाएं। 

साथ ही कंक्रीट निर्माण को संतुलित करना भी आवश्यक है। पर्यावरणविद शिव प्रकाश भारद्वाज कहते हैं कि समय रहते अगर हम नहीं चेते तो ग्लोबल वार्मिंग से आने वाली पीढियों को जीना दूभर हो जाएगा।

विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

  • दोपहर 11 बजे से 3 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें
  • अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें
  • हल्के व सूती कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें
  • बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
  • बाहर निकलते समय छाता, टोपी या गमछे का प्रयोग करें
  • पशुओं के लिए भी पानी और छांव की व्यवस्था करें

सदर अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सोना ने कहा कि हीट वेव के कारण सुबह के आठ-नौ बजते ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखता है। बढ़ता तापमान आमजनों काे काफी प्रभावित कर रहा है।

तापमान 43 डिग्री तक पहुंच जाने से आमजनों में लू के कारण तेज बुखार, शरीर में पानी कम होने, थकावट अधिक, स्कीन बर्न, भूख कम लगना, रक्तचाप के अनियमित होने, गंभीर रोग के मरीज की परेशानी बढ़ने का अधिक खतरा है। लू के किसी प्रकार का लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लेने की अपील की।

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