परसेंटाइल में चमके मुकुल, अब IIT पर नजर
शिक्षक माता-पिता की प्रेरणा और अनुशासित तैयारी
मुकुल की सफलता के पीछे उनके माता-पिता का अहम योगदान है। उनके पिता हिमांशु शेखर महतो चांडिल के बंधुगोड़ा स्कूल में शिक्षक हैं और मां रीता सिन्हा राजनगर के एसएस प्लस टू हाईस्कूल में शिक्षिका हैं। मुकुल अपनी सफलता का श्रेय नियमित और अनुशासित स्वाध्याय को देते हैं।
- कोचिंग और सेल्फ स्टडी: साकची स्थित एक कोचिंग से मार्गदर्शन के साथ-साथ मुकुल घर पर रोजाना 4 घंटे पढ़ाई करते थे।
- रणनीति: प्रत्येक अध्याय के बाद पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों (PYQs) को हल करना उनकी तैयारी का मुख्य हिस्सा रहा।
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विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

