विक्रमशिला सेतु की 24 घंटे की सुरक्षा और निगरानी को लेकर इंजीनियरों की शिफ्टवार ड्यूटी लगा दी गई है। इंजीनियर आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में रहकर ट्रैफिक व्यवस्था, स्पैन और स्लैब की सभी तकनीकी पहलुओं की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
मुख्यालय स्तर से समय-समय पर फोन के माध्यम से स्थिति के साथ-साथ फोटो वीडियो की जानकारी भी ली जा रही है। वहीं गुरुवार को विक्रमशिला सेतु पर चलती ट्रैफिक के बीच पटना मुख्यालय से पंहुंचे पथ निर्माण विभाग के उप मुख्य अभियंता, पुल निर्माण निगम के इंजीनियरों के साथ एनआईटी की टेक्निकल टीम ने विस्तृत निरीक्षण किया।
इस दौरान टीम ने पोल 121 और 122 के बीच बने बाक्स में सीढ़ी के सहारे अंदर जाकर सेतु के एक्सपेंशन ज्वाइंट, स्लैब और स्पैन की स्थिति, बेयरिंग का गहन परीक्षण किया। इंजीनियरों ने तकनीकी उपकरणों की मदद से सेतु की वर्तमान स्थिति का आंकलन कर आवश्यक डाटा भी इकट्ठा किया।
इस दौरान अधिकारियों की कई गाड़ियां एक घंटे से अधिक सेतु पर खड़ी रहीं। हलांकि जांच टीम से जुड़े किसी अभियंता ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। वहीं 24 घंटे निगरानी के लिए लगे इंजीनियरों की ड्यूटी की निगरानी भी कैमरे से हो रही है, ताकि कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
वहीं विक्रमशिला सेतु के रखरखाव और आवश्यक मरम्मत कार्यों के लिए मुख्यालय को अतिरिक्त राशि की मांग भेजी गई है। इस संबंध में आधिकारिक डिमांड पत्र भी प्रेषित किया गया है।


