गोरखपुर में रेलवे का बड़ा छापा, चार ट्रेनों से 1126 अवैध पानी की बोतलें जब्त

रेलवे स्टेशनों व ट्रेनों में पानी के अवैध कारोबार के खिलाफ रेलवे प्रशासन का अभियान जारी है। लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) आशुतोष गुप्ता के निर्देशन में वाणिज्य विभाग की टीम ने गोरखपुर जंक्शन पर चार ट्रेनों को चेक किया गया।

15273 सत्याग्रह एक्सप्रेस, 15565 वैशाली एक्सप्रेस, 15707 आम्रपाली एक्सप्रेस और 15653 सिलचर एक्सप्रेस में अनधिकृत रूप से रखी गईं लोकल ब्रांड पानी की 1126 बोतलें जब्त कर ट्रेनों से उतार ली गईं। इस दौरान दो अनधिकृत वेंडरो को भी पकड़ा गया। उन्हें रेलवे सुरक्षा बल के हवाले कर दिया गया।

मंडल रेल प्रबंधक के मार्गदर्शन में अनधिकृत वेंडरों, खाद्य एवं पेय पदार्थ के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान विभिन्न ट्रेनों से अनधिकृत रूप से रखी गईं लोकल ब्रांड पानी की बोतलें एवं कोल्ड ड्रिंक्स आदि जब्त किए किए जा रहे हैं। यद्यपि, इसके बाद भी पानी की बोतलों का अवैध कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा।

वेंडर ट्रेनों में धड़ल्ले से लोकल ब्रांड वाली पानी की बोतलें बेच रहे हैं। दरअसल, वेंडर अधिक कमाई के चक्कर में 14 रुपये वाले ‘रेल नीर’ की जगह 20 रुपये में लोकल ब्रांड पानी की बोतलें बेच रहे हैं। यह तब है जब गोरखपुर और यहां से बनकर चलने वाली तथा गोरखपुर रूट पर ‘रेल नीर’ की बिक्री अनिवार्य है। पानी के अवैध कारोबारी, प्लेटफार्मों पर ठेलों के माध्यम से लोकल ब्रांड पानी की बोतलें पहुंचा देते हैं।

 

ट्रेन के प्लेटफार्मों पर लगते ही वेंडर पेंट्रीकार के मैनेजर, रेलकर्मियों व सुरक्षाकर्मियों के संरक्षण में वातानुकूलित व शयनयान श्रेणी वाले कोचों में पानी के गत्ते चढ़ा देते हैं। पानी का अवैध कारोबार का इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आइआरसीटीसी) के अधीन पेंट्रीकार मैनेजरों की सह पर वेंडर चला रहे हैं। इसमें रेलकर्मियों व सुरक्षाकर्मियों की मिलीभगत से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

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