नोएडा में रजिस्ट्री के लिए फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने पर आंखों को स्कैन कर रजिस्ट्री करने की सुविधा निबंधन विभाग ने शुरू की है।
फिंगरप्रिंट की पुरानी समस्या, खासकर बुजुर्गों के लिए रजिस्ट्री का सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ था। पहले उनकी उंगलियों पर बने दाग-धब्बे या उम्र के कारण कमजोर फिंगरप्रिंट के चलते घंटों इंतजार, बार-बार स्कैन फिर भी रजिस्ट्री अटक जाती। अब आइरिस स्कैनर से आंखों को स्कैन कर सत्यापन हो रहा है। प्रतिदिन पांच से छह रजिस्ट्रियां आइरिस स्कैनर हो रहीं हैं।
बुजुर्गों को होती थी ज्यादा परेशानी
निबंधन विभाग के एआईजी प्रथम अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि यह सुविधा खासतौर पर बुजुर्गों, जिनके फिंगरप्रिंट स्पष्ट नहीं होते, उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है।
सिस्टम को आधुनिक तकनीक से लैस किया
विभाग ने पूरे सिस्टम को आधुनिक तकनीक से लैस किया है ताकि प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल बने। फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने पर रजिस्ट्री में होने वाली देरी की परेशानी अब नहीं हैं।
अगर किसी के फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने पर पूर्व में तीन से चार बार प्रयास किया जाता है। इसमें समय लगता था और अन्य रजिस्ट्रियों में भी देरी होती थी।


