‘महिला विरोधी है कांग्रेस’, आरक्षण विधेयक गिरने के बाद केंद्र सरकार का विपक्ष पर बड़ा प्रहार

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महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में पारित नहीं होने के बाद सरकार ने कांग्रेस को महिला विरोधी करार दिया है।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने शनिवार को कहा कि महिलाओं को अधिकारों से ”वंचित” करने के बाद जश्न मना रही कांग्रेस को देश की महिलाएं उन्हें करारा सबक सिखाएंगी।

गौरतलब है कि लोकसभा और विधानसभाओं में 2029 से महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के लिए लाया गया संविधान (131वां संशोधन) विधेयक शुक्रवार रात लोकसभा में विपक्षी दलों के विरोध के कारण पारित नहीं हो सका।

बजट सत्र के समापन पर प्रेस कान्फ्रेंस में संसदीय कार्य मंत्री ने यह भी कहा कि यद्यपि सरकार इस बात से दुखी है कि महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं हुआ, लेकिन सरकार इसे विफलता नहीं मानती।

उन्होंने कहा, यह साबित हो चुका है कि कांग्रेस महिला विरोधी है। उसे देश की महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, यह कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर काला धब्बा है, जिसे वे कभी मिटा नहीं पाएंगे।

रिजीजू ने कहा, हम महिलाओं को सशक्त बनाना चाहते थे। हम यह प्रयास जारी रखेंगे। सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन ने विधेयक को पारित कराने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। हम विपक्ष को किसी विधेयक के पक्ष में मतदान करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।

केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिला सशक्तीकरण और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को कमजोर किया है। शोभा ने कहा, उन्होंने दक्षिण भारत को भी नुकसान पहुंचाया है, जहां सीटों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो सकती थी। भाजपा सांसद बंसुरी स्वराज ने कांग्रेस और आइएनडीआइए पर महिलाओं को धोखा देने का आरोप लगाया।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने की मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक एएनआइ के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअल बैठक की।

इस बैठक में महिला आरक्षण विधेयक से संबंधित घटनाक्रमों पर चर्चा की गई। भाजपा नेतृत्व ने मुख्यमंत्रियों को अपने-अपने राज्य विधानसभाओं का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का निर्देश दिया है। इन सत्रों में विधेयक पर विपक्ष के रुख के खिलाफ ”¨नदा प्रस्ताव” पारित किया जाएगा।

पीयूष गोयल ने कांग्रेस-द्रमुक को करार दिया महिला विरोधी

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने के बाद कांग्रेस-द्रमुक को ”महिला विरोधी, ओबीसी विरोधी और तमिल गौरव विरोधी” करार दिया। गोयल ने कहा, द्रमुक डीएमके, कांग्रेस, तृणमूल समेत आइएनडीआइए के इस बेहद नकारात्मक रवैये के कारण महिलाएं दुखी है।

हमेशा से महिला विरोधी रही है कांग्रेस : गिरिराज

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल हमेशा से महिला विरोधी रहे हैं। गिरिराज ने विपक्ष पर महिलाओं के सशक्तीकरण को बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, विपक्षी नेता भले ही विधेयक पारित नहीं होने का जश्न मना रहे हों, लेकिन देश की महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी।

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा, विपक्ष ने देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। महिलाएं विपक्षी दलों से जवाब मांगेंगी। विपक्ष को लगा कि इस विधेयक से प्रधानमंत्री मोदी और एनडीए को फायदा होगा, इसलिए उन्होंने इसका समर्थन नहीं किया।

कांग्रेस के चरित्र को दर्शाता है महिला आरक्षण विधेयक को रोकना

आईएएनएस के अनुसार केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ लल्लन सिंह ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण विधेयक को रोकना कांग्रेस के चरित्र को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री ने देश की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया, लेकिन कांग्रेस इसे रोकने में खुश है। देश की आधी आबादी को न्याय दिलाने के प्रयास को रोककर वे कैसे खुश हो सकते हैं?

चाहे 543 सीटें हों या 850, भाजपा ही जीतेगी: प्रल्हाद जोशी

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कि ”चाहे 543 सीटें हों या 850, भाजपा ही जीतेगी। संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए जोशी ने कहा, सवाल परिसीमन करने या न करने का नहीं है। जोशी ने कहा कि लोगों को कांग्रेस नेतृत्व पर भरोसा नहीं है। ऐसा नहीं है कि लोग परिसीमन के कारण आपको वोट नहीं दे रहे। लोग आपके इरादों, नीतियों और आपके व्यवहार के कारण आपको अस्वीकार कर रहे हैं।

महिलाओं को उनके अधिकार नहीं मिलने देना चाहता आइएनडीआइए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि आइएनडीआइए महिला विरोधी गठबंधन है। आइएनडीआइए नहीं चाहता कि महिलाओं को उनके अधिकार नहीं मिले।

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