ग्रेटर नोएडा में तहसील दिवस में शिकायत का समाधान नहीं हुआ तो सांसद से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की, बावजूद इसके आज तक समाधान नहीं हो सका। आज फिर से मंडलायुक्त भानू चंद गोस्वामी को अपनी शिकायत दी है और इसे निस्तारित करने की मांग रखी है। ये कहते-कहते धूममानिकपुर गांव निवासी व सीआईएसएफ से सेवानिवृत कॉन्स्टेबल ब्रज किशोर की आंखें भर आई।
उन्होंने बताया कि घर के सामने नाली दोनों तरफ नाली बनी हुई है। पड़ोसी रोड तोड़कर गलत दिशा में दूसरी तरफ नाली बना दिए हैं। इसका विरोध जताने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। समाज के लोगों से बातचीत कर समझौते का प्रयास किया। विधायक व सांसद से शिकायत की।
बताया कि मार्च में मुख्यमंत्री, 4 अप्रैल को जिला प्रशासन और 13 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर से मामले की शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हुआ। अब एक बार फिर संपूर्ण समाधान दिवस में मंडलायुक्त को शिकायत दी है।
दस्तावेज से नाम नहीं काटे गए
इसी तरह से सीदीपुर निवासी 75 साल के वृद्ध शीशपाल ने बताया कि उन्होंने ढाई बीघा जमीन खरीदी थी। इलाज कराने के लिए अब उसे बेचना चाहते हैं। तहसील से जमीन के दस्तावेज निकलवाए तो उसमें दो नामों विजयपाल व रेशपाल के नाम पर जमीन दर्ज मिलें। दो बार लेखपाल ने त्रुटिवश नाम चढ़ने की रिपोर्ट भी लगा दी गई, फिर भी दस्तावेज से नाम नहीं काटे गए हैं।
दो साल पहले खरीदा 100 गज का प्लाट
कूड़ीखेड़ा गांव निवासी पंकज शर्मा ने बताया कि उनके धूममानिकपुर स्थित मकान के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन गुजर रही हैं। इससे हादसे का खतरा मंडराता रहता है। इसे शिफ्ट करने के लिए कई बार शिकायतें दी, लेकिन पहल नहीं की गई। तिलपता गांव निवासी भागचंद मीणा ने बताया कि दो साल पहले 100 गज का प्लाट खरीदा है।
आरोप है कि तहसीलदार व लेखपाल ने सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। बाद में उन्हें पता चला कि पत्र में यह लिखा है कि 100 गज भूमि से केवल 85 गज अपने पास रखेंगे व 15 गज भूमि दयानंद सिंह नागर के नाम रजिस्ट्री करेंगे। इस मामले के समाधान के लिए दो साल से चक्कर काट रहे हैं। आज फिर से मंडलायुक्त को शिकायत दी है। उम्मीद है सुनवाई होगी व इंसाफ मिलेगा।


