जम्मू कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने और आतंकवाद को करारी चोट देने की क्षमता का प्रदर्शन पुलिस के जवानों ने किया। जम्मू कश्मीर पुलिस के इन जवानों को टाइगर डिवीजन के सहयोग से आयोजित ज्वाइंट काउंटर इंसर्जेंसी और काउंटर टेररिज्म रिफ्रेशर कोर्स करवाया गया और इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर इन शूरवीरों ने अपनी वीरता के जौहर दिखाए।
यह प्रशिक्षण सात अप्रैल से 18 अप्रैल तक आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त योजना के तहत कार्यक्रम को संचालित किया गया।
इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों के बीच पुलिस और सेना के बीच बेहतर तालमेल, समन्वय और कार्यप्रणाली में एकरूपता लाना था। प्रशिक्षण के दौरान कुल 108 पुलिस कर्मियों ने भाग लिया, जिन्हें मीरां साहिब ब्रिगेड की ओर से गहन और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में विशेष रूप से जूनियर स्तर के नेतृत्व कौशल को विकसित करने पर जोर दिया गया, ताकि छोटे-छोटे दलों में काम करते हुए आतंकवाद विरोधी अभियानों को अधिक प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सके।
प्रतिभागियों को स्माल टीम आपरेशन्स, पेट्रोलिंग, क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) और मोबाइल व्हीकल चेक पोस्ट की ड्रिल्स, एम्बुश और काउंटर एम्बुश तकनीकों, कार्डन एंड सर्च आपरेशन (कासो) तथा रूम इंटरवेंशन प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
इसके अलावा आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल और फायरिंग, उन्नत उपकरणों के संचालन, ड्रोन की पहचान और काउंटर-ड्रोन उपायों, प्राथमिक उपचार और घायल निकासी (कैजुअल्टी एवैक्युएशन) तथा खुफिया जानकारी के संग्रह और साझा करने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण पद्धति में रिहर्सल और सामरिक अभ्यासों को शामिल किया गया, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिला। साथ ही उन्हें हाई-टेक सर्विलांस उपकरण, ड्रोन और काउंटर ड्रोन सिस्टम से भी परिचित कराया गया।
अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम सुरक्षा बलों के बीच आपसी विश्वास, बेहतर समन्वय और साझा समझ को मजबूत करते हैं। यह पहल भविष्य में उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक संगठित, अनुशासित और तैयार प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


