भाजपा के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही राजद कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं। बढ़ती अपराध की घटनाओं को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी शुरू कर दी गई है। दरभंगा में हाल के दिनों में कई छोटी-बड़ी घटनाएं सामने आई हैं।
हालांकि, मुख्य विपक्षी दल होने के बावजूद राजद ने पहले इन मामलों को गंभीरता से नहीं उठाया था, लेकिन अब अचानक प्रदेश कार्यालय से कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया गया है। इस संबंध में पत्राचार कर कार्यकर्ताओं को निर्देश भी दिए गए हैं।
बिरौल थाना क्षेत्र में एक दलित किशोरी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर पार्टी ने जांच समिति गठित की है। समिति को पूरी घटना की रिपोर्ट तैयार कर पुलिस की भूमिका के बारे में प्रदेश कार्यालय को अवगत कराने को कहा है।
इसके तहत एक टीम पीड़ित परिवार से मुलाकात कर विपक्ष की भूमिका को सक्रिय रूप से निभाने की काम की है। पूर्व मंत्री इसराईल मंसूरी, प्रदेश उपाध्यक्ष मधु मंजरी कुशवाहा, जिलाध्यक्ष यासमीन खातून, उदय शंकर यादव, गोपाल मंडल, गौरी शंकर मंडल, गणेश भारती, जयप्रकाश पासवान, गंगाराम गोप, जिला प्रवक्ता सुबंश यादव, प्रखंड अध्यक्ष कैलाश, वसीम अहमद, प्रवीण यादव, बरकत अली आदि ने पीड़ित परिवार से ना सिर्फ घटना की जानकारी ली, बल्कि पुलिसिया कार्रवाई पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने प्रदेश में बढ़ रहे अपराध और दलितों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी व्यक्त की और कहा कि पूरी जांच रिपोर्ट से मुख्यालय को अवगत कराया जाएगा।
यह है मामला?
बिरौल थानाक्षेत्र में रविवार की रात एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना घटी। स्वजन ने पीडिता को एक भूसा घर से बेहोशी हालत में बरामद किया। मामले की शिकायत पर थाने मे तैनात दारोगा शमशेर अली खान ने इसे ना तो गंभीरता से लिया और ना ही वरीय पुलिस अधिकारियों को सूचना देना उचित समझा।
मामला जब तूल पकड़ा तो पुलिस ने गांव के नीतीश कुमार शर्मा सहित दो किशोर को दबोच लिया गया । इसमें लापरवाही बरतने वाले दारोगा के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।


