एटा में बनने वाले थर्मल पावर प्लांट का ताजमहल पर पड़ेगा क्या प्रभाव, NEERI की रिपोर्ट तय करेगी हरे पेड़ों का भविष्य

सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) ने राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को 115 पेड़ काटने और 21 पेड़ों को स्थानांतरित करने की अनुमति प्रदान नहीं की है। निगम ने बरहन से शिवाला टेहू तक रेलवे ट्रैक के काम के लिए पेड़ों को काटने व स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी थी।

सीईसी ने स्पष्ट किया है कि नेशनल इन्वायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) पहले एटा के मलावन में लगने वाले 660 मेगावाट क्षमता के दो थर्मल पावर प्लांट के ताजमहल के एयर शेड पर पड़ने वाले प्रभाव पर रिपोर्ट देगा। रिपोर्ट के आधार पर ही सीईसी द्वारा पेड़ों को काटने या स्थानांतरित करने पर विचार किया जाएगा।

सीईसी में नौ अप्रैल को ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में पेड़ोंं को काटने व स्थानांतरित करने से संबंधित दो मामलों पर सुनवाई हुई। इसके मिनट्स अब जारी हुए हैं। इनमें बरहन से शिवाला टेहू तक रेलवे ट्रैक के निर्माण की योजना भी थी। यह एटा के मलावन में 660 मेगावाट क्षमता के दो थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने की योजना की अगली कड़ी है।

सीईसी में नौ अप्रैल को ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में पेड़ोंं को काटने व स्थानांतरित करने से संबंधित दो मामलों पर सुनवाई हुई। इसके मिनट्स अब जारी हुए हैं। इनमें बरहन से शिवाला टेहू तक रेलवे ट्रैक के निर्माण की योजना भी थी। यह एटा के मलावन में 660 मेगावाट क्षमता के दो थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने की योजना की अगली कड़ी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *