निगाही मारपीट कांड में नया मोड़: मौके का CCTV कैमरा और रिकॉर्डिंग गायब, किसके इशारे पर सबूत मिटाए गए?- सूत्र

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मधुकान कंपनी के विनीत सहित अन्य पर केस दर्ज, अब साक्ष्य से छेड़छाड़ के आरोपों ने बढ़ाई गंभीरता

सिंगरौली। एनसीएल निगाही क्षेत्र में बकरी चराने गए युवक के साथ हुई बर्बर मारपीट के मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जहां एक ओर इस मामले में आरोपियों जगदीश,विनीत,शैलेन्द्र सिंह,एमडी सिंह सहित अन्य के खिलाफ प्रकरण क्रमांक 78/26- 296(बी), 115(2), 351(3), 3(5)BNS, एवं 3(1)(द), 3(2)(va) SC/ST के गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जा चुका है, वहीं अब घटना स्थल से CCTV कैमरा और उसकी रिकॉर्डिंग गायब होने की बात सामने आने से पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े हो गए हैं।


मारपीट के बाद अब साक्ष्य मिटाने की आशंका

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिन स्थानों पर यह घटना हुई वहां लगे CCTV कैमरे को ही गायब करवा दिया गया है। इतना ही नहीं, घटना से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग को भी डिलीट कर दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। जिसकी जानकारी शायद अभी पुलिस को नहीं है।

बताया जा रहा है कि आरोपी अपनी करतूत छुपाने के लिए इस तरह के कदम उठा सकते हैं। यदि यह बात सत्य साबित होती है, तो यह मामला केवल मारपीट तक सीमित न रहकर साक्ष्य से छेड़छाड़ (Evidence Tampering) का भी गंभीर अपराध बन सकता है।

पहले ही दर्ज हो चुका है गंभीर मामला

ज्ञात हो कि इस पूरे प्रकरण में मधुकान कंपनी के विनीत सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही गंभीर धाराओं में मामला पंजीबद्ध किया जा चुका है। पुलिस द्वारा मामले की विवेचना जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

वीडियो रिकवरी से खुल सकता है पूरा सच

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी अब CCTV फुटेज मानी जा रही है। यदि पुलिस डिलीट की गई रिकॉर्डिंग को रिकवर करने में सफल होती है, तो घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सकती है। तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से यदि फुटेज पुनः प्राप्त कर ली जाती है, तो यह न केवल आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य बनेगी, बल्कि यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।

पुलिस पर बढ़ा दबाव

घटना के बाद से ही यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। पहले मारपीट और अब सबूत गायब होने की खबर ने पुलिस पर निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई का दबाव बढ़ा दिया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस तरह खुलेआम साक्ष्य मिटाने की कोशिश हो रही है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि कानून का भय बना रहे।

क्या होगा अगला कदम?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि

  • 👉 CCTV कैमरा किसके कहने पर हटाया गया?
  • 👉 रिकॉर्डिंग किसके निर्देश पर डिलीट की गई?
  • 👉 क्या पुलिस डिजिटल साक्ष्य वापस ला पाएगी?

इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में जांच के बाद सामने आ सकते हैं।

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