नगर पंचायत क्षेत्र में इन दिनों गैस उपभोक्ताओं के सामने अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई है। शहरी क्षेत्र का दर्जा मिलने के बावजूद यहां के उपभोक्ताओं को ग्रामीण नियमों के तहत सुविधा दी जा रही है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जानकारी अनुसार, जहां शहरी क्षेत्रों में गैस सिलिंडर की बुकिंग 25 दिनों के अंतराल पर संभव होती है, वहीं नगर पंचायत क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अब 45 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
कई उपभोक्ताओं ने बताया कि 25 दिन पूरा होने के बाद भी सिस्टम बुकिंग स्वीकार नहीं कर रहा है। 45 दिन पूरे होने पर ही बुकिंग संभव हो पा रही है। इस व्यवस्था के कारण लोगों की रसोई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
गैस खत्म होने पर उपभोक्ताओं को मजबूरी में लकड़ी और कोयले जैसे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ के साथ-साथ परेशानी भी बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र को शहरी दर्जा प्राप्त है और प्रशासन द्वारा शहरी सुविधाओं के नाम पर शुल्क भी वसूला जा रहा है। इसके बावजूद गैस सिलिंडर बुकिंग में ग्रामीण क्षेत्र जैसा नियम लागू होना समझ से परे है।
उपभोक्ताओं ने इस समस्या को लेकर संबंधित विभाग, जिलाधिकारी और नगर पंचायत प्रशासन से जल्द से जल्द व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।


