साइबर ठगों के विरुद्ध भागलपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। नाथनगर इलाके से चल रहे एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा हुआ है, जो फेक वेबसाइट और दर्जनों फर्जी ई-मेल आईडी के जरिए पूरे देश में लोगों से ठगी कर रहा था।
इस गिरोह के खिलाफ इस्तेमाल हो रहे दो बैंक खातों पर दिल्ली, यूपी, एमपी, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना समेत छह राज्यों में 11 ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के केस पहले से दर्ज हैं।
मामला भागलपुर साइबर थाना में बीएनएस 2023 की धारा 318(4)/319(2) और आईटी एक्ट 2000 की धारा 66(सी)/66(डी) के तहत दर्ज किया गया है।
मशक्कत बाद यूं खुला राज
भागलपुर की साइबर थाने में पदस्थापित अवर निरीक्षक राम कृष्ण को प्रतिबिंब पोर्टल पर शिकायत मिली थी कि फेक वेबसाइट के जरिए अलग-अलग नामों से लोगों से फ्रॉड किया जा रहा है। टावर लोकेशन ट्रेस करने पर पता नाथनगर का मिला।
गुप्त सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नाथनगर के चंपानगर इलाके में छापामारी की। पुलिस को देखते ही मुख्य आरोपित कृष्णा कुमार मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश में पुलिस टीम सभी संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही है।
मौके से ये सामान हुआ बरामद
पुलिस टीम ने आरोपित के घर से तलाशी के दौरान तीन संदिग्ध मोबाइल, चार एटीएम कार्ड, दो पासबुक और एक लैपटॉप जब्त किया। परिजनों ने मोबाइल का लॉक पिन बताने से इनकार कर दिया और कहा कि सभी फोन आरोपित और उसके पांच-छह दोस्त इस्तेमाल करते थे।
लैपटॉप खोलते ही सन्न रह गई टीम
जब्त लैपटॉप की प्रारंभिक जांच में गूगल क्रोम ब्राउज़र पर 38 से ज्यादा संदिग्ध ई-मेल आईडी लॉगिन मिलीं। पुलिस के मुताबिक, इन्हीं आईडी से फिशिंग वेबसाइट बनाकर साइबर अपराध को अंजाम दिया जा रहा था।
सभी यूआरएल और लॉगिन मेल का फोटो साक्ष्य के तौर पर ले लिया गया। जब्ती सूची एसआईडी नंबर- 2780905989238702 पर दर्ज की गई।
11 राज्यों में फैला है नेटवर्क
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि जांच में सामने आए स्टेट बैंक और यूनियन बैंक के दो खातों को समन्वय पोर्टल पर चेक किया गया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इन दोनों खातों के खिलाफ भारत के छह राज्यों के 11 जिलों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं।
दिल्ली के साइबर पुलिस स्टेशन साउथ, साइबर पुलिस स्टेशन नई दिल्ली, यूपी के अयोध्या, बरेली, प्रयागराज, संत कबीर नगर, एमपी के सिवनी, कर्नाटक के बागलकोट, छत्तीसगढ़ के कांकेर और तेलंगाना के हैदराबाद में पीड़ितों ने ऑनलाइन वित्तीय फ्रॉड की एफआईआर दर्ज कराई है।
पुलिस की आगे की रणनीति
साइबर ठग गिरोह के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है। जब्ती सूची सन्हा संख्या-191 पर दर्ज की गई है। अवर निरीक्षक प्रशांत कुमार और कृष्ण मोहन सिंह को स्वतंत्र साक्षी बनाया गया है। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि साइबर ठगी पर जीरो टॉलरेंस है।
उन्होंने कहा कि फरार आरोपित की गिरफ्तारी के लिए छापामारी जारी है। साथ ही 38 ई-मेल आईडी और जब्त मोबाइल-लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच से पूरे गिरोह तक पहुंचा जाएगा। बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
क्या है खतरा?
ये साइबर ठग एक ही खाते और एक ही जगह बैठकर पूरे देश में जाल फैला रहे हैं। फेक वेबसाइट और फर्जी मेल आईडी से नौकरी, लोन और इनाम के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है।
भागलपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बैंक डिटेल शेयर न करें। साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।


