मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित 12वीं परीक्षा के नतीजों में इस बार सीहोर जिले ने प्रतिभा की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने साबित कर दिया कि सफलता संसाधनों की नहीं, बल्कि मेहनत और जुनून की मोहताज होती है। एक ओर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के चौकीदार के बेटे श्लोक प्रजापति ने 12वीं में गणित संकाय से 98.6% अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया, वहीं किसान की बेटी प्रिंसी विश्वकर्मा ने टॉप-5 में जगह बनाकर क्षेत्र का नाम रोशन किया।
संघर्ष से शिखर तक श्लोक की उड़ान
सीहोर के नूतन हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्र श्लोक प्रजापति ने गणित संकाय में 500 में से 493 अंक हासिल कर प्रदेश की मेरिट लिस्ट में टॉप किया है। उनके पिता विनोद प्रजापति हाउसिंग बोर्ड में केयरटेकर (चौकीदार) हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।
10वीं में हासिल की थी तीसरी रैंक
श्लोक इससे पहले भी 10वीं बोर्ड में प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। अब 12वीं में टॉप कर उन्होंने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की असली कुंजी है।
श्लोक अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और नियमित अध्ययन को देते हैं। उनके इस प्रदर्शन से पूरे शहर में खुशी का माहौल है।
किसान की बेटी प्रिंसी ने भी दिखाया दम
वहीं सीहोर के आष्टा क्षेत्र के ग्राम खेजड़ा की रहने वाली प्रिंसी विश्वकर्मा ने जीव विज्ञान संकाय से 500 में से 487 अंक हासिल कर प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया। प्रिंसी के पिता मुकेश विश्वकर्मा किसान होने के साथ ही ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच भी रह चुके हैं।
प्रिंसी ने अपनी पढ़ाई शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक शाला, आष्टा से पूरी की। सीमित संसाधनों के बीच लगातार मेहनत और अनुशासन के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। उनका सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है।
प्रिंसी की इस सफलता से गांव में जश्न का माहौल है। ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई, वहीं स्कूल और परिवार ने इसे गर्व का क्षण बताया।


