‘द बैक रूम्स’ (The Backrooms) केन पार्सन्स द्वारा निर्देशित एक साइंस-फिक्शन हॉरर फिल्म है। सोचिए अगर आपको किसी ऐसे बंद घर में छोड़ दिया जाए जिसका हर एक दरवाजा, हर एक कोना और हर एक कमरा एक दूसरे अनंतहीन कमरे में खुलता होगा तो आपको कैसा महसूस होगा? लेटेस्ट हॉरर फिल्म ‘बैकरूम्स’ ऐसी ही है जो दर्शकों का ध्यान खींचने में सक्सेसफुल हुई है।
पीले रंग के कमरों में छिपा है डर
फिल्म की कहानी एक ऐसे समानांतर और रहस्यमयी डायमेंशन के बारे में है, जहां पीले कमरों की एक अंतहीन भूलभुलैया है। एक फर्नीचर शोरूम के तहखाने में एक सीक्रेट दरवाजा होता है,जिसके जरिए एक थेरेपिस्ट का मरीज वास्तविकता से भटककर इस अज्ञात दुनिया में लापता हो जाता है। अब उस थेरेपिस्ट को अपने मरीज को बचाने के लिए उसी डरावनी और रहस्यमयी दुनिया में प्रवेश करना पड़ता है। इस भूलभुलैया से वो कैसे बाहर आता है ये आपको फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा।
कब रिलीज हुई फिल्म?
फिल्म में चिवेटेल एजियोफोर (Chiwetel Ejiofor) और रेनेट रेइन्सवे (Renate Reinsve) मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म 29 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।
कहां से आया आइडिया?
इसके निर्देशक, केन पार्सन्स ने सालों पहले यूट्यूब पर इस डरावनी थीम पर वीडियो बनाने शुरू किए थे। इंटरनेट पर ये कहानी मशहूर हुई इसे हॉलीवुड स्टूडियो ‘A24’ ने बाद में एक फीचर फिल्म में तब्दील कर दिया। दरअसल केन पार्सन्स जब सिर्फ 16-17 साल के थे तब वो अपने यूट्यूब चैनल (Kane Pixels) पर ‘The Backrooms’ को लेकर शॉर्ट डरावनी वीडियो बनानी शुरू की थीं। उनकी इन वीडियो को 200 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले। इसी कामयाबी को देखकर हॉलीवुड स्टूडियो ने उन्हें इस पर एक पूरी फिल्म बनाने का मौका दिया।


