हरियाणा सरकार ने जनसुरक्षा, पशु-पक्षियों के संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चाइनीज मांझे पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई है।
हरियाणा सरकार के फैसले के मुताबिक राज्य में चाइनीज मांझे के उत्पादन, भंडारण, बिक्री, आपूर्ति, आयात एवं उपयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी। प्रदेश सरकार के इस आदेश को धरातल पर लागू कराने के लिए पुलिस महानिदेशक ने पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है।
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने राज्य के पुलिस अधिकारियों से कहा है कि वे चाइनीच डोर के उत्पादन, बिक्री और भंडारण पर सख्ती से रोक लगवाएं। चाइनीज मांझा मानव जीवन, पशु-पक्षियों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है।
इसके कारण सड़क हादसे, जानलेवा चोटें और पक्षियों की मौत की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस का दायित्व है कि वह जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस पर पूरी सख्ती से कार्रवाई करे। प्रतिबंधित मांझा बेचने, रखने या इस्तेमाल करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस महानिदेशक ने आम लोगों से भी कहा है कि वे पतंग उड़ाने के लिए स्वयं तथा अपने बच्चों को केवल साधारण सूती डोर का उपयोग करने के लिए दें। यदि कहीं चाइनीज मांझे का प्रयोग या बिक्री दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।
उन्होंने बताया कि अधिसूचना के अनुसार केवल साधारण सूती (काटन) डोर से ही पतंग उड़ने की अनुमति है, जो किसी भी प्रकार के कांच, धातु, रासायनिक लेप अथवा थ्रेड स्ट्रेंथनिंग सामग्री से नहीं बनी होगी। प्रतिबंधित मांझे का उपयोग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह मानव जीवन, वन्यजीव एवं सार्वजनिक संपत्ति के लिए भी गंभीर खतरा है।


